सेंचुरियन: भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच तीन टेस्‍ट मैचों की क्रिकेट सीरीज का दूसरा टेस्‍ट मैच टीम इंडिया के लिए 'करो या मरो' की तरह है. केपटाउन में हुआ पहला टेस्‍ट मैच टीम इंडिया 72 रन से हार गई थी. ऐसे में दूसरे टेस्‍ट में भारतीय बल्‍लेबाजों को पिच की उछाल और दक्षिण अफ्रीका के तेज आक्रमण का बेहतर ढंग से सामना करना होगा. एक तरह से लगातार नौ सीरीज जीतने का भारत का रिकॉर्ड दांव पर होगा. भारत को 2018-19 में विदेशी धरती पर 12 टेस्ट खेलने हैं और यह उनमें से दूसरा ही टेस्ट है. भारत को सीरीज में बने रहने के लिए यह टेस्ट हर हालत में जीतना होगा. मैच में दक्षिण अफ्रीका के कप्‍तान फाफ डु प्‍लेसिस ने टॉस जीता और पहले बैटिंग करने का फैसला किया. पहले दिन चाय के बाद दक्षिण अफ्रीका की पहली पारी का स्‍कोर 81.1 ओवर में पांच विकेट खोकर 250 रन है. डीन एल्‍गर (31), एडेन मार्कराम (94), एबी डिविलियर्स (20), हाशिम अमला (82) और क्विंटन डिकॉक (0) आउट होने वाले बल्‍लेबाज हैं. फाफ डु प्‍लेसिस 17 रन बनाकर क्रीज पर हैं. 


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तीसरे सेशन में भारत की गेंदबाजी की शुरुआत जसप्रीत बुमराह और आर. अश्विन की जोड़ी ने की.भारत के लिए तीसरी सफलता भुवनेश्‍वर के स्‍थान पर टीम में शामिल किए गए ईशांत शर्मा लेकर आए, उन्‍होंने खतरनाक एबी डिविलियर्स (20 रन, 48 गेंद, दो चौके) को बोल्‍ड कर दिया. एबी के आउट होने के बाद अब तक खराब फॉर्म से गुजर रहे हाशिम अमला ने अपना अर्धशतक पूरा किया. उन्‍होंने इसके लिए 99 गेंदों का सामना करते हुए 10 चौके जमाए. हालांकि अपनी पारी के दौरान उन्‍हें ईशांत की गेंद पर पार्थिव पटेल से जीवनदान भी मिला.


विकेट पतन: 85-1 (एल्‍गर, 29.3),148-2 (मार्कराम, 47.3),199-3 (डिविलियर्स, 62.4)


पहला सेशन दक्षिण अफ्रीकी ओपनरों के नाम

भारत के लिए पारी का पहला ओवर जसप्रीत बुमराह ने और दूसरा ओवर मो. शमी ने फेंका. ये दोनों ओवर मेडन रहे.बुमराह की ओर से फेंके गए तीसरे ओवर में दक्षिण अफ्रीका के रनों का खाता खुला. पारी के चौथे ओवर में मार्कराम ने शमी की गेंद पर लगातार दो चौके लगाए. इस ओवर में 8 रन बने. भुवनेश्‍वर के स्‍थान पर प्‍लेइंग इलेवन में जगह पाने वाले ईशांत शर्मा समेत कोई भी तेज गेंदबाज दक्षिण अफ्रीकी बल्‍लेबाजों को परेशान करता नजर नहीं आया. तीनों प्रमुख तेज गेंदबाजों को बेअसर साबित होता देखकर विराट कोहली पारी के 13वें ओवर में हरफनमौला हार्दिक पंड्या को गेंदबाजी पर लेकर आए. शुरुआती घंटे में दक्षिण अफ्रीका टीम की रनों की गति बेहद धीमी रही लेकिन महत्‍वपूर्ण बात यह रही कि उसने कोई विकेट नहीं गंवाया.ऑफ स्पिनर अश्विन को भी लंच से पहले बॉलिंग के लिए लाया गया लेकिन वे भी पहले विकेट की साझेदारी नहीं तोड़ पाए. इस बीच आक्रामक अंदाज में खेल रहे एडेन मार्कराम ने अपना अर्धशतक पूरा किया इस दौरान उन्‍होंने 81 गेंदों का सामना करते हुए नौ चौके लगाए.लंच के समय दक्षिण अफ्रीका का स्‍कोर 27 ओवर में बिना विकेट खोए 78 रन था. मार्कराम 51 और एल्‍गर 26 रन बनाकर क्रीज पर थे.


दूसरा सेशन: अश्विन ने दोनों ओपनर को आउट किया

दूसरे सेशन में ऑफ स्पिनर अश्विन भारत के लिए पहली सफलता लेकर आए जब उन्‍होंने डीन एल्‍गर (31रन, 83 गेंद, चार चौके) को मुरली विजय के हाथों कैच करा दिया. एल्‍गर के आउट होने के बाद हाशिम अमला बल्‍लेबाजी के लिए आए. दक्षिण अफ्रीका के 100 रन 35.1 ओवर में पूरे हुए. मार्कराम ने हाशिम अमला के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 63 रन की साझेदारी की. जब यह जोड़ी भारत के लिए परेशानी बन रही थी तभी अश्विन ने मार्कराम (94 रन, 150 गेंद, 15 चौके) को विकेटकीपर पार्थिव पटेल से कैच करा दिया. दूसरा विकेट 148 के स्‍कोर पर गिरा. मार्कराम अपना तीसरा टेस्‍ट शतक बनाने से चूक गए. मार्कराम की जगह एबी डिविलियर्स बल्‍लेबाजी के लिए इसके थोड़ी ही देर बाद टीम इंडिया को हाशिम अमला का विकेट भी मिल सकता था लेकिन ईशांत शर्मा की गेंद पर पार्थिव ने उनका कैच छोड़ दिया. अमला उस समय 30 रन पर थे. सेंचुरियन के विकेट से भारतीय गेंदबाजों को न तो बहुत ज्‍यादा उछाल मिल रहा था और न ही गेंद स्विंग कर रही थी. इस कारण अश्विन को यहां ज्‍यादा ओवर फेंकने का मौका मिला. चाय के समय दक्षिण अफ्रीका का स्‍कोर दो विकेट खोकर 182 रन था.


भारतीय टीम ने अपनी प्‍लेइंग इलेवन में तीन बदलाव किए हैं. चोटिल ऋद्धिमान साहा की जगह पार्थिव पटेल, भुवनेश्‍वर कुमार की जगह ईशांत शर्मा और शिखर धवन की जगह केएल राहुल को टीम में स्‍थान दिया गया है.वैसे, दक्षिण अफ्रीका अगर सीरीज में क्‍लीन स्‍वीप करने में सफल होता है तो भी भारत की नंबर वन टेस्ट रैंकिंग पर असर नहीं पड़ेगा लेकिन भारतीय टीम को अपने देश में काफी आलोचना का सामना करना पड़ेगा.


दक्षिण अफ्रीका में भारत का रिकॉर्ड काफी खराब है जहां उसने छह में से पांच सीरीज गंवाई हैं जबकि एक ड्रॉ रही. भारत ने 1992 से दक्षिण अफ्रीका की सरजमीं पर खेले 17 टेस्ट में से सिर्फ दो में जीत दर्ज की है. टीम ने एक जीत 2006-07 में राहुल द्रविड़ के नेतृत्व में जबकि एक 2010-11 में महेंद्र सिंह धोनी के नेतृत्व में दर्ज की. भारत ने हालांकि पिछले दो दौरों पर दक्षिण अफ्रीका में बेहतर प्रदर्शन किया है. टीम ने 2010-11 में सीरीज ड्रॉ कराई जबकि 2013-14 में उसे कड़ी टक्कर देने के बावजूद हार का सामना करना पड़ा.