किराडू मंदिर के इस अंतिम भाग से पहले दो भागों में आपने जाना इस जगह का इतिहास और उसके साथ क्या हुआ... अनहोनी होने का सिलसिला यहीं नहीं थमा. 900 साल से कायम अंधविश्वास को चुनौती देने पहुंची टीम मजबूती के साथ रहस्यों को उजागर करने में जुटी हुई है. टीम के साथ कुछ-कुछ अजीबोगरीब घटनाएं भी घट रही हैं, लेकिन उसके बावजूद तफ्तीश जारी है.


दूर-दूर तक घना अंधेरा और मंदिर में पसरा है एक अजीब सा सन्नाटा. टीम के सभी सदस्य विज्ञान के कुछ आधुनिक उपकरणों की सहायता से 900 साल पुराने अंधविश्वास को लगातार चुनौती दे रहे हैं. खोजबीन का सिलसिला चल ही रहा था कि तभी के-2 मीटर पर अचानक तीन लाइटें लगने लगीं. यानी विज्ञान की भाषा में कहें, तो टीम के आसपास कोई अदृश्य ऊर्जा मौजूद है. के-2 मीटर का प्रयोग अभी पूरा भी नहीं हुआ कि अचानक पैरानॉर्मल सोसाइटी ऑफ इंडिया के सदस्य गोविंद को मंदिर के पिछले गलियारे में किसी के चलने की आवाज सुनाई दी.


गोविंद ने कहा कि मेरे पीछे से किसी के चलने की आवाज आई है. गोविंद के वहम को दूर करने के लिए पूरी टीम मंदिर के उस हिस्से तक जैसे ही पहुंची. के-2 मीटर दोबारा किसी के होने का संकेत देने लगा. इस बीच टीम को अपने इर्द-गिर्द फिर किसी परछाई के होने का अहसास हुआ.