इंदौर। शुक्रवार को एक ही दिन में दो मासूमों के साथ दरिंदगी से इंदौर शहर शर्मसार हो गया। दोनों ही मामलों में आरोपी पीड़ितों के करीबी लोग हैं जिन्होने मासूमों के साथ बेरहमी के साथ दुष्कर्म करने के बाद उनको मौत के घाट उतार दिया।


पहली घटना राजबाड़ा क्षेत्र-


हाई सिक्युरिटी जोन कहे जाने वाले राजवाड़ा क्षेत्र में माता-पिता के बीच सो रही पांच माह की बच्ची की शुक्रवार तड़के दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई। बच्ची का शव घटनास्थल से करीब डेढ़ सौ मीटर दूर श्रीनाथ मार्केट (शिव विलास पैलेस के पास स्थित अपार्टमेंट) के बेसमेंट में अर्धनग्न हालत में मिला। उसके शरीर और कपड़ों पर खून के धब्बे थे। सीसीटीवी कैमरे के फुटेज से पता चला कि आरोपित बच्ची के पिता का ही दोस्त है। मामले में पुलिस की लापरवाही भी सामने आई। उधर, देर शाम पुलिस ने आरोपित को हिरासत में ले लिया।


शुक्रवार दोपहर करीब 12.30 बजे बच्ची का शव पड़ा मिलने पर सनसनी फैल गई। अपार्टमेंट के बेसमेंट में दीपक जैन का ऑफिस है। उनके कर्मचारी सुनील शर्मा ऑफिस खोलने के लिए सीढ़ियों से नीचे उतर रहे थे तो उन्हें वहां खून फैला दिखा। वे बेसमेंट के गेट का ताला खोलने आगे बढ़े तो दरवाजे के दूसरी ओर बच्ची का शव (औंधे मुंह) पड़ा दिखा। घबराकर उन्होंने आसपास वालों को घटना बताई। सूचना पर पुलिसकर्मी, फारेंसिक टीम व दीपक जैन भी घटनास्थल पर पहुंच गए। भीड़ देख राजवाड़ा पर ही फुग्गे बेचने वाला एक युवक वहां पहुंचा। उसने बच्ची की शिनाख्त उसकी भानजी के रूप में की।

3 बजे दूध पिलाया, 5 बजे गायब-


बच्ची के मामा ने बताया जीजा और बहन एरोड्रम इलाके में रहते हैं। उनके परिवार में दो बेटे व दो बेटी थे। मृतका सबसे छोटी थी। बहन और जीजा उसके साथ राजवाड़ा पर ही फुग्गे बेचते हैं। रात को वे सभी राजवाड़ा के पास सो गए। रात 3 बजे बच्ची रोने लगी तो बहन ने दूध पिलाया और फिर जीजा व उसके बीच उसे सुला दिया। सुबह 5 बजे बहन की नींद खुली तो उसने बताया बेटी गायब है। इस पर उसे तलाशना शुरू किया। करीब एक घंटे बाद भी वह नहीं मिली तो वे सराफा थाने पहुंचे।


एएसआई बोला- टीआई साहब नहीं है, 12 बजे आना-


परिजन ने बताया थाने पहुंचकर पुलिसकर्मियों से अपहरण की बात कहकर बेटी को ढूंढने के लिए मिन्नतें की। इस पर एएसआई दुर्लभ सिंह बरकरे ने कहा- टीआई साहब नहीं है, 12 बजे आना। तब एफआईआर दर्ज होगी।


ये है सवाल-


मामले में सवाल यह उठता है कि राजवाड़ा पर रात ढाई बजे तक चाट-चौपाटी चलती है। रातभर पुलिस बल तैनात रहता है। राजवाड़ा के गेट के सामने पुलिस जीप रहती है। चौराहे पर ही पुलिस चौकी है। जहां बच्ची सो रही थी, वह स्थान पुलिस चौकी से दिखता है। इसके बावजूद बच्ची को आरोपित कैसे उठा ले गया?


15 मिनट में वारदात को दिया अंजाम-


जहां बच्ची सो रही थी, उसके सामने दुकानों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। इनके फुटेज में खुलासा हुआ कि बच्ची के पिता का दोस्त सुनील भील भी वहीं सोया था। वह 4.45 बजे उठा और बच्ची को कंधे पर लगाकर श्रीनाथ मार्केट की ओर ले गया। वहां उससे दुष्कर्म किया और उसका सिर पटककर हत्या कर दी। बेसमेंट के दरवाजे पर ताला लगा था, इसलिए उसने दरवाजे के ऊपर से बच्ची को अंदर फेंक दिया। फुटेज में सुनील 5 बजे लौटता दिखाई दिया और वहां से गायब हो गया। फुटेज के आधार पर परिजन ने उसे पहचाना। वह भी साथ में सालों से फुग्गे बेचता है। परिजन उसे परिवार का सदस्य ही मानते थे।


कैसे समझें आरोपी है-


मामले में डीआईजी ने कहा कि आरोपित मृतका के पिता का ही दोस्त है। वह बच्ची को कंधों पर ऐसे ले गया जैसे वह उसकी ही बच्ची हो। ऐसी स्थिति में कैसे समझ आएगा कि वह आरोपित है। हालांकि, यह बहुत ही गंभीर केस है।


बढ़ते क्राइम पर एसपी मौन-


सीएसपी बीपीएस परिहार व अन्य पुलिसकर्मी भी मौके पर पहुंचेथे। एसपी (पूर्व) अवधेशकुमार गोस्वामी को पता चला, तब तक शव एमवाय अस्पताल भेजा जा चुका था। एसपी आनन-फानन में एमवायएच की मर्चुरी में पहुंचे। इधर, एमजीरोड पुलिस टीम शव को फ्रीजर में रखकर रवाना हो गई। वहां कोई पुलिसकर्मी नहीं दिखा तो एसपी भड़क गए। उन्होंने बढ़ते क्राइम पर तो कुछ नहीं कहा, लेकिन इतना कहा कि बच्ची के साथ हुई घटना हृदयविदारक है, इसीलिए शव देखने आए थे, लेकिन जिस अस्पतालकर्मी के पास मर्च्युरी की चाबी थी, वह नहीं मिला।


एएसआई निलंबित-


सराफा थाने के पुलिसकर्मियों की संवेदनहीनता और लापरवाही की जानकारी मिलने पर डीआईजी हरिनारायणचारी मिश्र ने ड्यूटी टाइम पर तैनात एएसआई बरकरे को निलंबित कर दिया।


दूसरी वारदात एरोड्रम क्षेत्र-


दूसरी वारदात एरोड्रम क्षेत्र में हुई जहां मासूम के नजदीक के रिश्तेदार ने उसके साथ दुष्कर्म किया और उसके बाद 10 फीट ऊंचाई से फेंककर उसकी हत्या कर दी।


पुलिस ने देर रात आरोपित नवीन (25) पिता उजागर गाडगे निवासी एरोड्रम को बाणगंगा क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने बच्ची के अपहरण और दुष्कर्म करना कबूल कर लिया। वह बच्ची का नजदीक का रिश्तेदार है। वह उसकी दो बच्चियों पर गलत नजरें रखता था। इस कारण उसको उसकी पत्नी ने भगा दिया था।


नवीन रात करीब 9.30 बजे शराब के नशे में बच्ची की मां से पास पहुंचा और कहा पत्नी से समझौता करवा दो, लेकिन महिला ने उसकी पिटाई कर भगा दिया। इसके बाद उसने दोबारा नशा किया। देर रात दोबारा महिला के पास पहुंचा और बच्ची को उठा लिया। उसके साथ दुष्कर्म किया और करीब 10 फीट ऊंचाई से फेंककर मार दिया।


पुलिस से बचने के लिए उसने पहले हाथ धोए, फिर जाकर शराब पी। कुछ देर बाद उसे लगा पुलिस पकड़ लेगी तो बचने के लिए वह बाणगंगा क्षेत्र में आ गया। एसपी अवधेश गोस्वामी के मुताबिक आरोपित सांवेर स्थित सरिया फैक्टरी में काम करता है। पुलिस के अनुसार सीसीटीवी फुटेज में आरोपित (नवीन) साइकिल से आते-जाते घटनास्थल के पास नजर आया।


15 दिन में जांच पूरी कर चालान पेश करेंगे-


डीआईजी हरिनारायण चारी मिश्र के अनुसार आरोपी नाइट्रावेट और शराब पीने का आदी है। मामले की शीघ्र जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। इसमें एसपी, एएसपी और सीएसपी स्तर के अधिकारी शामिल किए गए हैं। 15 दिन में जांच पूरी कर फास्ट ट्रैक कोर्ट में चालान पेश कर दिया जाएगा। आरोपित को सख्त से सख्त सजा दिलवाने का प्रयास करेंगे।