इंदौर। शहर में प्लास्टिक और थर्मोकोल के गिलास का उपयोग कम करने की दिशा में नगर निगम ने अनूठी पहल शुरू की है। उसके कर्मचारी और एनजीओ सदस्य चाय विक्रेताओं, होटलों और दुकानदारों के यहां दस्तक देकर आग्रह कर रहे हैं कि वे चाय पीने के लिए प्लास्टिक या थर्मोकोल के बजाय चीनी मिट्टी, स्टील या कांच के गिलास या कप का इस्तेमाल करें। शुरुआत जोन-11 के वार्ड 55 और 60 से की गई है और धीरे-धीरे यह प्रयोग शहर के सभी जोन में किया जाएगा।


पायलट प्रोजेक्ट के लिए जिस वार्ड को चुना गया है, वह व्यावसायिक क्षेत्र हैं। चाय विक्रेताओं के साथ चाय मंगवाने वाले दुकानदारों से आग्रह किया जा रहा है कि वे अपनी दुकान पर चीनी मिट्टी, स्टील या कांच के गिलास रखें। जब भी चाय बुलवाएं तो दुकान में कर्मियों या आगंतुकों को चाय के लिए पारंपरिक बर्तनों का उपयोग ज्यादा से ज्यादा करें। चाय विक्रेताओं और दुकानदारों को समझाइश दी जा रही है कि प्लास्टिक और थर्मोकोल से बने गिलास स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक हैं। निगम की पहल के परिणाम अच्छे आए हैं और कुछ दुकानदारों ने वैकल्पिक बर्तनों में चाय पीना शुरू किया है।


पांच क्षेत्रों में चल रहा अभियान


जिन क्षेत्रों की दुकानों में निगम की टीम इस पहल के साथ दस्तक दे रहा है, उनमें रानीपुरा, सियागंज, जवाहर मार्ग के हिस्सों, महारानी रोड और शास्त्री मार्केट जैसे बाजार शामिल हैं। ऐसा अभियान शुरू करने का विचार निगमायुक्त आशीष सिंह ने स्वास्थ्य विभाग और एनजीओ टीमों को दिया था। सूत्रों का कहना है कि अब तक वार्ड 55 और 60 के 27 बड़े दुकानदारों और शोरूम पर निगम टीम दस्तक दे चुकी है। करीब आठ दुकानदारों ने उनकी बात मानी और चीनी मिट्टी या कांच के बर्तन लाकर चाय पीने के लिए अब उनका इस्तेमाल कर रहे हैं। अगले चरण में क्लॉथ मार्केट, मारोठिया, बोहरा बाजार और शीतला माता बाजार की दुकानों और होटलों में दस्तक दी जाएगी। इस काम में बेसिक्स, एचएमएस, ज्वाला और डिवाइन एनजीओ निगम की मदद कर रहे हैं।


थ्री-आर से भी जुड़ा विषय


जानकारों का कहना है कि नगर निगम इस साल से थ्री-आर (कचरे को रिड्यूस, रिसाइकिल और रियूस करना) पर गंभीरता से ध्यान दे रहा है। यदि दुकानदार और होटल संचालक प्लास्टिक व थर्मोकोल के गिलास का उपयोग बंद करते हैं तो इससे कचरा कम होगा। लोग चीनी मिट्टी और स्टील के गिलास धोकर उनका दोबारा उपयोग कर सकते हैं जबकि प्लास्टिक और थर्मोकोल के गिलास एक बार उपयोग के बाद फेंक दिए जाते हैं। इनका उपयोग बंद होने से कचरा उत्सर्जन में कमी आएगी।


कहना मानने वालों को महापौर के हाथों सम्मानित भी करेंगे


देखने में आया है कि शहर से निकलने वाले कचरे में बड़ी मात्रा में डिस्पोजेबल और प्लास्टिक गिलास का कचरा निकलता है। लक्ष्य है कि अगले एक-डेढ़ महीने में इस तरह के कचरे पर काफी हद तक रोक लगाई जाए। शुरुआत कुछ व्यावसायिक इलाकों से की गई है और जल्द ही अन्य इलाकों में इस दिशा में जनजागरूकता लाई जाएगी। सात-आठ दुकानदारों ने निगम का कहना मानते हुए चीनी मिट्टी और स्टील के कप रखना शुरू किए हैं। महापौर मालिनी गौड़ के हाथों उन्हें सम्मानित किया जाएगा। - आशीष सिंह, निगमायुक्त