सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया गया कि सहारा समूह की ऐंबी वैली संपत्तियों की नीलामी की प्रक्रिया रोक दी गई है, क्योंकि नीलामी के नोटिस के जवाब में किसी संभावित खरीदार से जवाब नहीं मिला। प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति एके सिकरी की विशेष खंडपीठ को बंबई हाईकोर्ट के आधिकारिक परिसमापक ने गुरुवार को यह जानकारी दी। 

पीठ ने ऐंबी वैली में सहारा समूह की संपत्ति अपने कब्जे में लेने के लिए एक रिसीवर नियुक्त किया था। पीठ ने आधिकारिक परिसमापक को निवेशकों का धन वसूलने के लिए इन संपत्तियों की नीलामी प्रक्रिया जारी रखने का आदेश दिया था। पीठ ने नीलामी प्रक्रिया बंद करने का आदेश देते हुए साई राइडम रियल्टर्स प्रा.लि. और प्राइम डाउन टाउन रियल इस्टेट प्रा.लि. को सेबी-सहारा खाते में एक हजार करोड़ रुपये जमा कराने का निर्देश दिया था। इससे पहले, सहारा समूह ने कहा था कि ये फर्म मुंबई के वसई में उसकी संपत्तियों को खरीदने के लिए तैयार हैं। सहारा समूह की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने कहा कि वसई की संपत्ति की बिक्री से करीब एक हजार करोड़ रुपये मिलेंगे, जिसे सेबी-सहारा खाते में जमा करा दिया जाएगा। पीठ ने इसके बाद दोनों फर्मो से कहा कि वे गुरुवार को ही 99 करोड़ रुपये का बैंक ड्राफ्ट जमा कराएं और उन्हें शेष राशि जमा कराने के लिए एक समय सीमा निर्धारित कर दी। पीठ ने दोनों फर्मो से कहा कि वे 15 अगस्त तक दो सौ करोड़ रुपये और 12 सितंबर तक 682.8 करोड़ रुपये जमा कराएं। न्यायालय ने उन्हें आगाह किया कि इसका पालन नहीं करने पर अवमानना कार्यवाही की जा सकती है और जमा की गई राशि जब्त कर ली जाएगी।