इंदौर। दीपावली की रात जब शहर आतिशबाजी में मशगूल था, तब एक चुनावी धमाका हुआ। कांग्रेस ने प्रदेश के 29 उम्मीदवारों के नाम घोषित किए, जिसमें तीन इंदौर विधानसभा के हैं। सूची में जो नाम आए, उसे देखकर कुछ चेहरों पर खुशी छा गई तो कुछ के रंग उतर गए। सूची को लेकर 15 मिनट के भीतर ही पार्टी में बगावत के सुर सुनाई देने लगे। अपना नाम न पाकर एक कांग्रेसी नेता ने अपनी पत्नी तो दूसरे ने खुद निर्दलीय चुनाव लड़ने की सार्वजनिक घोषणा कर दी।
कांग्रेस ने इंदौर से तीन नए चेहरों को मौका दिया है। इंदौर-1से प्रीति अग्निहोत्री को टिकट मिला है, जो वार्ड क्रमांक एक से पार्षद भी हैं। पिछली बार उनके पति गोलू को इसी विधानसभा से टिकट मिला था, लेकिन बाद में उनका टिकट काटते हुए कांग्रेस ने दीपू यादव को प्रत्याशी बनाया था। कमलेश बीते दिनों कांग्रेस में फिर लौटे और इस बार भी टिकट की दौड़ में थे। यहीं से संजय शुक्ला भी बीते एक साल से अपनी तैयारियों में जुटे थे। गोलू और संजय के बीच मतदाताओं के बीच संपर्क बढ़ाने के लिए कथा और अन्य आयोजनों की होड़ थी। मगर पार्टी ने हैरान करने वाला फैसला लेते हुए प्रीति अग्निहोत्री को टिकट दे दिया।

पंजाबी समाज को साधने का प्रयास

विधानसभा चार से सुरजीत सिंह चड्ढा को मौका मिला है। वे पूर्व पार्षद हैं। पिछले दस साल से विधानसभा के लिए वे टिकट मांग रहे थे। सुरजीत को टिकट देते हुए पार्टी ने क्षेत्र के पंजाबी समाज को साधने का प्रयास किया है। देपालपुर से विशाल पटेल का नाम लंबे समय से चल रहा था। जिस पर मुहर लगा दी गई है।
क्षेत्र क्रमांक एक से शुक्ला ने पत्नी को उतारा, कमलेश फिर लड़ेंगे निर्दलीय

कांग्रेस नेता संजय शुक्ला ने नईदुनिया से चर्चा में कहा कि एक नंबर विधानसभा का टिकट बिक गया है। प्रभारी महासचिव दीपक बाबरिया इसके लिए जिम्मेदार हैं। मेरी पत्नी अंजली निर्दलीय चुनाव लड़ेंगी। वे नौ नवंबर को सुबह 11 बजे नामांकन भरेंगी। उधर, पिछली बार निर्दलीय चुनाव लड़ चुके कमलेश ने इस बार भी बागी उम्मीदवार के रूप में चुनावी मैदान में उतरने की घोषणा की है। पिछली बार निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले कमलेश दूसरे स्थान पर रहे थे। इसका नुकसान कांग्रेस को हुआ था और पार्टी का आधिकारिक उम्मीदवार तीसरे स्थान पर खिसक गया था। कमलेश ने इशारों में आरोप लगाया कि टिकट बंटवारे में लेनदेन हुआ है।