नई दिल्ली/इस्लामाबाद: पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान एक बार फिर चर्चाओं में है. एक बार फिर यहां 700 करोड़ रुपये हवाला कारोबार का मामला सामने आया है. जानकारी के मुताबिक, आइसक्रीम बेचने और रिक्शा चलाने वालों के नाम पर विदेशों में खाते खोल कर पाकिस्तान से 700 करोड़ रुपये का हवाला कारोबार किए जाने का मामले का खुलासा हुआ है. प्रधानमंत्री इमरान खान कार्यालय से जुड़े विशेष सहायक शहजाद अकबर ने सोमवार (12 नवंबर) को यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि 10 देशों से 700 करोड़ रुपये के हवाला कारोबार का ब्यौरा मिला है और इस मामले में जल्दी ही मामला दर्ज किया जायेगा.

इस्लामाबाद में मीडिया को संबोधित करते हुए सीनेटर फैसल जावेद और प्रधानमंत्री के मीडिया सलाहकार इफ्तिकार दुर्रानी अकबर ने कहा कि हमने 5000 से ज्यादा फर्जी खातों की पहचान की है जिन्हें हवाला के लिए इस्तेमाल किया जाता था. उन्होंने कहा कि इन खातों के माध्यम से एक अरब डालर से अधिक राशि का हवाला कारोबार किया गया. उन्होंने कहा कि यह खाते आइसक्रीम बेचने और रिक्शा चालकों के नाम पर थे.

अकबर ने कहा कि सभी खातों का विवरण दुबई प्रशासन से मंगाया जा रहा है और जिन लोगों ने दुबई और यूरोप के बैंकों में धन रखा है वे इसे छिपा नहीं पाएंगे. जियो न्यूज के अनुसार अकबर ने कहा कि कुछ लोगों ने अपने चालकों और मालियों के नाम से संपत्ति खरीदी. इनकी जब जांच की गई तो यह बड़े लोगों के कर्मचारी पाए गए. उन्होंने कहा कि हवाला ने पाकिस्तान को तबाह कर दिया.
आपको बता दें कि पिछले महीने भी पाकिस्तान में एक रेहड़ी वाले के खाते में करोड़ों रुपये की लेन-देन का मामला सामने आया था. खाताधारक को पता ही नहीं था. रेहड़ी वाले के बाद अब पाकिस्तान में ऑटो रिक्शा चालक के खाते में 300 करोड़ की लेन-देन का मामला सामने आया. मामला पाकिस्तान के कराची का था. पाकिस्तान की संघीय जांच एजेंसी एफआईए ने ऑटो रिक्शा चालक को समन जारी कर उससे पैसों की लेन-देन को लेकर पूछताछ की. 

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ऑटो ड्राइवर का नाम मुहम्मद रशीद है. उसे एक दिन अचानक से एफआईए का नोटिस मिली. नोटिस में खाते से भारी-भरकम लेनदेन को लेकर पूछताछ की गई थी. जांच एजेंसी ने उससे इस लेन-देन को लेकर पूछताछ की है. रशीद ने कहा कि संघीय जांच एजेंसी ने उसे समन जारी कर खाते में 300 करोड़ की लेन-देन की जानकारी मांगी है. उसने कहा कि उसने अब तक 1 लाख रुपए एक साथ नहीं देखे हैं, 300 करोड़ कहां से आए उसके बारे में कोई जानकारी नहीं है. उसने कहा कि ये खाता उसने साल 2005 में खुलवाया था. उसने कहा कि खाता खुलवाने के बाद कुछ ही महीनों में उसकी नौकरी छूट गई थी. गौरतलब है कि इससे पहले कराची में एक फल बेचने वाले के खाते में 200 करोड़ की धांधली का मामला सामने आया था.