भोपालः लोकसभा चुनाव में भोपाल संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार रहे पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की जीत की भविष्यवाणी गलत साबित होने पर स्वामी वैराग्यानंद गिरी ने कलेक्टर से जल समाधि की अनुमति मांगी थी. जिसके बाद कलेक्टर ने बाबा को जल समाधि लेने की अनुमति नहीं दी. ऐसे में अब बाबा कलेक्टर की मनाही के वाबजूद जल समाधि लेने पर अड़ गए हैं. शनिवार को मीडिया से बातचीत करते हुए बाबा ने कहा कि 'मेरा समाधि लेना उसी दिन तय हो गया जिस दिन दिग्विजय सिंह जैसा हिंदू हार जाता है वह समाधि है और मैं अपने संकल्प पर द्रणनिश्चित हूं मैं समाधि लूंगा समाधि लूंगा. मेरे पास तमाम रिकॉर्ड है जिन वकीलों के नाम से चर्चा कर रहे हैं मेरे पास सभी के नाम है. यहां समाधि लेने आया हूं यह प्रत्यक्ष है कि मैं समाधि लूंगा प्रशासन नहीं लेने देगा तो भी मैं समाधि लूंगा.'

उन्होंने आगे कहा कि 'समाधि का स्थान जल समाधि चुना है. भोपाल का कटोरा ताल उत्तम रहेगा. यहां से मिनाल रेसीडेंसी काफी दिनों से रूका था. अभी वहां जाऊंगा उसके बाद कलेक्ट्रेट ऑफिस जाकर और बात करूंगा कि उन्होंने परमिशन किस कारण नहीं दी, लेकिन मैं अपने वचन से दृढ़ निश्चय हूं और उसी बीच से मैं कहना चाहूंगा कि कम से कम मेरे पास में 1000 कॉल जान से मारने की आए हैं और मैंने किसी को कुछ नहीं बोला और जो 5 क्विंटल मिर्ची की हवाएं उड़ाई जा रही है, मीडिया के माध्यम से वह गलत है. मैंने केवल 5 किलो मिर्ची से हवन किया है. मेरी दिग्विजय सिंह से कोई बातचीत नहीं हुई, मैं कामाख्या में था. आज भोपाल समाधि लेने आया हूं.'
मेरा यज्ञ असफल नहीं हुआ है परमात्मा की कृपा से और स्वभाविक करके जहां तक मुझे लगता है जनता जनार्दन का जो भी फैसला रहा हो उसे में सम्मान करता हूं. यज्ञ अनुष्ठान की परंपरा को निभाते हुए निष्फल हुआ है उसको लेकर मैं जिंदा समाधि लूंगा. आज कलेक्टर से मिलूंगा, पहले पूछुंगा कि उन्होंने मुझे  समाधि लेने की अनुमति क्यों नहीं दी, उसके बाद में जल समाधि लूंगा. वहीं बाबा का आरोप है कि उन्हें लगातार जान से मारने की धमकी दी जा रही है. अगर वह जिंदा रहे दो वह इसकी शिकायत करेंगे.