बिलासपुर । छत्तीसगढ़ के राजस्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल का कहना है कि प्रदेश के राजस्व न्यायालयों में हजारों मामले पेंडिंग है। इनमें से अधिकांश मामले पूर्व सरकार की देन है। पेंडिंग मामलों को निपटाना सरकार की प्राथमिकता में है। इसी सिलसिले में रायपुर संभाग की बैठक हो चुकी है,  जिसमें कलेक्टर को २ माह के अंदर सभी तरह के पेंडिंग मामलों का निराकरण करने निर्देश दिए गए हैं। बिलासपुर संभाग में भी बैठक होगी जिसमें सचिव के अलावा कमिश्नर, पांचों जिलों के कलेक्टर, एसडीएम और तहसीलदार मौजूद रहेंगे। बैठक में पेंडिंग मामलों की लिस्ट सामने आएगी, जिसे निराकृत करने के लिए समय सीमा तय की जाएगी। राजस्व मंत्री अग्रवाल मंगलवार को यहां छत्तीसगढ़ भवन में पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। कांग्रेसी कार्यकर्ताओं की शिकायत है कि अफसर उनकी बात नहीं सुनते, फोन तक नहीं उठातेज्  इस सवाल का जवाब में मंत्री ने अफसरों का बचाव करते हुए कहा कि ऐसी बात नहीं है। अफसर सभी की बात सुनते हैं। पूरे प्रदेश में बिलासपुर जिले डायवर्सन करने का अधिकार सिर्पâ एक अधिकारी को दिया गया है जबकि प्रदेश के २६ जिलों में तहसील कार्यालयों में यह काम होता है ऐसा क्यों, इस सवाल के जवाब में मंत्री अग्रवाल ने कहा कि हमारे पास अभी राजस्व अमला की कमी बनी हुई है।  प्रदेश में तहसीलदार के जितने पद स्वीकृत हैं उसमें से करीब आधे पद खाली है।  रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया चल रही है। इसके बाद डायवर्सन को लेकर निर्देश जारी किया जाएगा।