भोपाल : पत्रकारिता जगत को नाम भर का माना जा रहा है देश का चौथा स्तंभ आए दिन पत्रकारों के साथ मारपीट की घटना देखने को मिलती रहती है यह सिर्फ इसलिए किया जाता है कि भ्रष्टाचारियों को कोई भी ना रोके क्योंकि भ्रष्टाचार की कमाई में सभी का हिस्सा तय होता हैI चाहे वह सरकार में बैठे मंत्री हो या फिर नेता रिश्वत और भ्रष्टाचार की मलाई उन तक पहुंचती रहती पत्रकार अपनी जान जोखिम में डालकर  समय-समय पर उन भ्रष्टाचारियों की पोल खोलते है इन पत्रकारों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाली मध्य प्रदेश सरकार क्यों खामोशी से यह सब देख रही हैक्या उन भ्रष्टाचारियों से मिली भगत है या फिर सरकार चलाने के लिए भ्रष्टाचार की कमाई जरूरी ह मध्य प्रदेश में कई ऐसे भ्रष्टाचार उजागर हुए हैं जो देश दुनिया तक उनकी चर्चा की गई है और उन भ्रष्टाचारियों को जेल के पीछे पहुंचाने की भूमिका भी मीडिया द्वारा ही निभाई गई विधानसभा चुनाव के दौरान हर राजनीतिक पार्टी पत्रकारों को सुरक्षा देने की बात कर रही थ क्योंकि उनको यह लग रहा था कि उनकी सरकार में  भ्रष्टाचार नहीं होगा अब क्या हुआ कमलनाथ सरकार को जो पत्रकार सुरक्षा कानून तो दूर पत्रकारों पर हो रहे हमलों पर भी खामोश बैठी हैIलगातार पत्रकारो की हत्या हो रही है उन्हे मारा पीटा जा रहा है लेकिन विधानसभा चुनाव के दौरान पत्रकार सुरक्षा कानून की बात करने वाली कांग्रेस सरकार अब खामोश क्यों है?