मुंबई। मुंबई के डोंगरी इलाके में मंगलवार सुबह केसरबाई नामक चार मंजिला इमारत गिर गयी, इस हादसे में 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच लोगों को बचा लिया गया है। गौरतलब है कि इस इमारत के मलबे में 40 लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। यह इमारत लगभग सौ साल पुरानी बतायी जा रही है। दमकल विभाग और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीम मौके पर पहुंच बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। घायलों को अस्‍पताल तक पहुंचाने के लिए दस एंबुलेंस मौके पर मौजूद हैं। इस बीच, पीएम नरेंद्र मोदी ने मुंबई में बिल्डिंग हादसे पर दुख जताया है।

 मुंबई पुलिस ने लोगों से विनम्र अनुरोध किया है कि केसरभाई इमारत के मलबे वाले स्थान से दूर रहे जिससे बचाव कार्य करने में असुविधा न हो। 

बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) द्वारा 7 अगस्त 2017 को जारी किए गए एक पत्र में पहले ही आगाह कर दिया गया था कि इस भवन को सी1 के रूप में वर्गीकृत किया गया है, जल्द से जल्द विध्वंस के लिए खाली कर दिया जाए ... किसी भी दुर्घटना की स्थिति में कार्यालय इसके लिए जिम्मेदार नहीं होगा।

मुंबई के डोंगरी इलाके में इमारत ढहने पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मुझे जो शुरुआती जानकारी मिली है, उसमें लगभग 15 परिवारों के मलबे में फंसे होने की आशंका है। यह इमारत लगभग 100 वर्ष पुरानी थी। हमारा पूरा ध्यान मलबे में फंसे हुए लोगों को बचाने पर है। इस मामले में जांच की जाएगी। 
हादसे में घायल एक बच्‍चे को मलबे से बाहर निकाला गया है, उसे इलाज के लिए अस्‍पताल में भर्ती करवा दिया गया हैं जहां डॉक्‍टरों ने उसकी हाल‍त स्थिर बतायी है।

डोंगरी में इमारत ढहने के बाद बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ),  ने इमामवाड़ा म्यूनिसिपल सेकेंडरी गर्ल्स स्कूल में लोगों के लिए एक आश्रय खोला है।

गली अधिक संकरी होने की वजह से बचाव कार्य में काफी दिक्कत हो रही है लोग मानव श्रृंखला बनाकर लोगों को मलबे से बाहर निकाल रहे हैं। गली में मलबा फैले होने की वजह से चार किमी जाम लगा हुआ है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह इमारत सौ साल से भी पुरानी थी लेकिन जर्जर हालत में नहीं थी, इसे देखकर नहीं लगता था कि ये गिर जाएगी। बीएमसी महानगर में मौजूद खतरनाक इमारतों की सूची बनाती है लेकिन इस इमारत का नाम उनकी लिस्ट में नहीं था। 

वृहत मुंबई कारपोरेशन (बीएमसी) के मुताबिक, सुबह 11 बजकर 48 मिनट पर डोंगरी के टांडेल गली में केसरबाई नाम की बिल्डिंग का आधा हिस्सा गिर गया। यह बिल्डिंग अब्दुल हमीद शाह दरगाह के पीछे है और काफी पुरानी है। 

गौरतलब है कि  मुंबई और आसपास के इलाकों में रुक रुक कर हो रही बारिश अब जानलेवा साबित होने लगी है। पुणे और मुंबई समेत राज्‍य के अलग-अलग इलाकों में वर्षा जनित हादसों में कुल 30 लोगों की मौत हो चुकी है। 

पुणे में दीवार गिरने से 15 की मौत 

मुंबई में मानसून के आते ही लगातार ऐसी घटनायें हो रहीं हैं।  कुछ दिन पहले ही महाराष्ट्र के पुणे में बारिश के कारण इमारत की दीवार गिरने से 15 लोगों की मौत हो गई थी। यह दर्दनाक हादसा पुणे के कोंढवा में हुआ था। इस हादसे में कई लोग घायल भी हुए थे। 

मलाड़ में दीवार गिरने से 18 की मौत

मुंबई के मलाड़ इलाके में कुरार गांव में एक पहाड़ी ढलाव पर बनी झोपडिय़ों पर भरभराकर एक दीवार गिर गई थी। इसमें 18 लोगों की मौत हो गई थी जबकि 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। घटना के वक्त दीवार के किनारे झोपडिय़ों में परिवार सो रहे थे।