इस बार वर्ष 2019 में श्रावण पूर्णिमा 2 दिन यानी 14 और 15 अगस्त को है। 14 अगस्त को व्रत की पूर्णिमा और दूसरे दिन यानी 15 अगस्त को रक्षा बंधन का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन ही पूर्णिमा का स्नान-दान होगा।
अब सवाल यह है कि जब 2 दिन पूर्णिमा की तिथि है तो फिर 15 अगस्त को ही त्योहार क्यों बनाया जा रह है। वास्तव में रक्षा बंधन में पराह्यण व्यापिनी तिथि ली जाती है। यदि पूर्णिमा दो दिन हो या उस दिन भद्रा हो तो उसका त्याग करना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार, भद्रा में रक्षा पर्व और फागुनी दोनों ही वर्जित है।

श्रावणी में राजा और फागुनी में प्रजा का अनिष्ट होता है। पूर्णिमा तिथि 14 अगस्त को दिन में ही 2.45 बजे लग रही है जो 15 अगस्त को शाम 4.30 बजे तक रहेगी। 15 अगस्त को सुबह से लेकर शाम 4.23 बजे तक बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांध सकेंगी। सारे मंगलमयी, अनुकूल और शुभ संयोग 15 अगस्त के दिन ही है इसलिए विद्वानों द्वारा तय किया गया कि 15 अगस्त पर ही रक्षा बंधन का पर्व मनाया जाना उचित है।

वहीं श्रावण पूर्णिमा पर ब्राह्मणों द्वारा ऋषि तर्पण क्रिया उपाकर्म किया जाता है। 15 अगस्त को संस्कृत दिवस व स्वतंत्रता दिवस भी मनाया जाएगा। इस दिन काशी में अमरनाथ यात्रा के साथ पूजन-अर्चन का भी विधान होता है।