बारिश के मौसम में मच्छर बढ़ने से डेंगू का खतरा बना रहता है। इसलिए डेंगू से बचने मच्छरों से बचाव करें। डेंगू मादा एडीज इजिप्टी मच्छर के काटने से होता है। डेंगू के मच्छर सुबह के समय काटते हैं। डेंगू बुखार में रक्त में मौजूद प्लेटलेट्स तेजी से घटने लगते हैं। शुरुआत में डेंगू बुखार के लक्षणों को पहचानना मुश्किल होता है। 3 से 4 दिन के बाद इसकी पहचान आसानी से की जा सकती है। डेंगू बुखार का सहीं समय पर उपचार नहीं किया गया तो यह जानलेवा साबित होता है। डेंगू से बचने के लिए आराम करने पेय पदार्थ पीने की सलाह दी जाती है। इसके साथ ही आप डेंगू से बचने के लिए घरेलू उपाय भी कर सकते हैं। 
डेंगू बुखार के लक्षण
ठंड लगने के बाद अचानक तेज बुखार चढ़ जाता है।
सिर, मांसपेशियों, गले और जोड़ों में तेज दर्द होता है।
आंखों के पिछले हिस्से में दर्द होता है।
कमजोरी लगने के साथ भूख न लगना, जी मितलाना और मुंह का स्वाद खराब होने जैसी समस्याएं हो जाती हैं।
चेहरे, गर्दन और छाती पर लाल-गुलाबी रंग के रैशेज हो जाते हैं।
घरेलू उपचार
पपीता- पपीता का सेवन करने प्लेटलेट्स तेजी से बढ़ती हैं। इसके अलावा पपीता पाचन क्रिया को भी ठीक रखता है। आप पपीते की पत्तियों को कूट कर खा सकते हैं या फिर इनका रस बनाकर पी सकते हैं।
नारियल पानी- डेंगू के बुखार में नारियल पानी बहुत फायदा करता है। नारियल पानी में काफी मिनरल्स मौजूद होते हैं। जो हमारे शरीर को मजबूत करता हैं। इसलिए डेंगू के बुखार में नारियल पानी अधिक से अधिक पीना चाहिए।
तुलसी- डेंगू के बुखार में तुलसी के पत्तों काली मिर्च के साथ गर्म पानी में उबालकर पीना चाहिए। तुलसी के पत्तों में शरीर की रोग प्रतिरोधक बेहतर करने की क्षमता होती है। इसे दिन में कई बार पी सकते हैं।
मेथी- मेथी की पत्तियां उबालकर चाय बनाकर पीने से डेंगू के बुखार में असरकारक होती हैं। मेथी की पत्तियां शरीर से विषाक्त पदार्थ बाहर निकलती हैं। ऐसा होने से डेंगू का वायरस शरीर से निकल जाता है।
अन्य घरेलू उपचार
घर के आसपास कहीं भी पानी इकट्ठा ना होने दें। डेंगू मच्छर अधिकतर साफ पानी में ही होते हैं।
खुद और बच्चों को भी पूरे बाजू के कपड़े पहनने की सलाह दें और रात को सोते वक्त मच्छरदानी का प्रयोग करें। दिन में भी सावधान रहें। कीटनाशक दवाओं का नियमित इस्तेमाल करें। डेंगू मच्छर के अण्डे पानी में छिपे रहते हैं।