बिलासपुर । मां महामाया के दरबार में सप्तमी की मध्यरात्रि से अष्टमी को पूरे दिन भक्तों का जन सैलाब माता के दर्शन के लिए उमड़ा। महाअष्टमी की पूजा मंदिर में भक्तों ने सुबह विधि-विधान से की। मां महामाया के दरबार में रविवार को हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचे। माता के प्रति भक्तों ने आस्था प्रकट करते हुए कोई पैदल मंदिर तक पहुंचा तो किसी ने नारियल लेकर अपने शरीर से रास्ता नापते हुए मनौती पूरी होने पर माता को धन्यवाद ज्ञापित किया। दिन भर में एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन कर आशीर्वाद मांगा। आदिशक्ति मां महामाया मंदिर में पैदल यात्रा के बाद रात भर मंदिर में दर्शन व पूजन का सिलसिला चलता रहा। सुबह सैकड़ों भक्तों ने एक साथ दर्शन कर महामाया के समक्ष शीश नवाकर आशीर्वाद लिया। मंदिर ट्रस्ट के वरिष्ठ उपाध्यक्ष पंडित सतीश शर्मा ने बताया कि पैदल यात्रा के कारण सप्तमी की रात्रि को मंदिर खुली रही। रात भर दर्शन करने के लिए भक्तों के पहुंचने का सिलसिला चलता रहा। इसके बाद अष्टमी की सुबह से रात तक भी श्रद्धालु अपनी आस्था माता के समक्ष प्रकट करने पहुंचे। सुबह मंदिर में महाअष्टमी की पूजा पूरी की गई। मंदिर में दुर्गासप्तशती के १३ अध्याय का पठन के बाद हवन-पूर्णाहुति की गई।