थोड़ा इंतजार करिए, आ गई है फैसले की घड़ी..

नई दिल्ली। आखिर फैसले की घड़ी आ गई है। 17 नवंबर तक या उससे पहले राम जन्म भूमि-बाबरी  मस्जिद विवाद का फैसला आ ही जाएगा।  ऐतिहासिक फैसले से पहले चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने यूपी के डीजीपी और मुख्य सचिव से राज्य के हालात पर अपडेट लिया है। गोगोई ने सूबे के डीजीपी ओपी सिंह और मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी को मुलाकात के लिए आज दिल्ली बुलाया है। इस समय CJI के चेंबर में यूपी के दोनों टॉप अफसर सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की जानकारी दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि अयोध्या केस पर बनी संवैधानिक पीठ में शामिल सभी पांचों जज इस बैठक में मौजूद हैं।

इससे पहले गुरुवार को देर रात सीएम योगी आदित्यनाथ ने विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के डिविजनल कमिश्नरों, डीएम और अन्य उच्चाधिकारियों से बात कर सुरक्षा का जायजा लिया था। सीएम योगी ने अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मद्देनजर किसी भी स्थिति से निपटने के लिए लखनऊ और अयोध्या में दो हेलिकॉप्टरों को तैनात रहने का आदेश दिया है।
  
संदिग्धों पर नजर
इस बीच, अयोध्या में सुरक्षा चाकचौबंद कर दी गई है। शहर के हर मुख्य चौराहे पर पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाई है और किसी भी अज्ञात वाहन और संदिग्ध लोगों पर पैनी नजर रखी जा रही है। इससे पहले प्रशासन ने 500 लोगों को अरेस्ट किया है, जबकि 12,000 लोगों पर नजर रखी जा रही है। सोशल मीडिया पर भी निगरानी रखी जा रही है। यूपी के डीजीपी ने बताया है कि करीब 1500 सोशल मीडिया अकाउंट्स पर प्रशासन की नजर है, जिससे किसी भी तरह के उकसावे वाले बयान या अफवाह न फैल सकें।

फैसला है सुरक्षित
मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई 17 नवंबर को रिटायर होने वाले हैं। शीर्ष अदालत ने 16 अक्टूबर को मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। उनके रिटायरमेंट से पहले राम मंदिर पर फैसला कभी भी आ सकता है। ऐसे में यूपी सरकार ने अयोध्या समेत प्रदेशभर में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए हैं ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। बताया जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस अपने कार्यकाल के अंतिम तीन वर्किंग डेज में अयोध्या समेत चार बड़े मामलों पर फैसला दे सकते हैं।