बिलासपुर । छ.ग. उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायामूर्ति पी.आर. रामचंद्र मेनन ने आज जिला न्यायालय परिसर में नवनिर्मित वैकल्पिक विवाद समाधान केन्द्र का शुभारंभ किया। इस अवसर पर राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर द्वारा विधिक सेवा से संबंधित जानकारी देने के लिए तैयार मोबाइल एप लॉच किया गया।  कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्य न्यायाधीश श्री मेनन ने अपने संबोधन में कहा कि पीडि़त पक्ष को तत्काल एवं समय पर न्याय दिलाना हम सबकी जिम्मेदारी है। प्रकरण लंबे समय तक न्यायालय में चलते है, जिससे पक्षकार कुंठित हो जाता है, वह शीघ्र न्याय चाहता है। इसके लिए यह ए.डी.आर. भवन बहुत उपयोग एवं लाभदायी सिद्ध होगा। इस भवन में सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराई जायेंगी। उन्होंने कहा कि लंबे समय से लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने लॉच किये गये मोबाइल एप को न्यायदान के क्षेत्र में बहुत उपयोगी बताया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए छ.ग. उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एवं छ.ग. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के कार्यपालक अध्यक्ष प्रशांत कुमार मिश्रा ने अपने उद्बोधन में कहा कि यह मोबाइल एप भारत का सर्वप्रथम एप है जिसके माध्यम से लोगों को विधिक सेवा योजनाओं का लाभ प्राप्त हो सकता है। इसमें सभी आवेदन पत्र, कार्यालयों के नाम, पते, दूरभाष नंबर हैं। ऐसे सामान्य प्रश्न जो हमेशा पूछे जाते हैं, उसे पूर्व में ही लोड कर दिए गए हैं। उन्होंने अधिवक्ताओं से अनुरोध किया कि वे अपने मोबाइल में इस एप को डाउनलोड अवश्य करें, इससे पीडि़तों को न्याय के क्षेत्र में आगे बढऩे का रास्ता मिल सकेगा।  कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि न्यायमूर्ति मनीन्द्र मोहन श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में ए.डी.आर. भवन को आम जन तक न्याय पहुंचाने के लिए उपयोगी, साथ ही मोबाइल एप को न्याय के क्षेत्र में महत्वपर्ण कदम बताया। न्यायमूर्ति गौतम भादुड़ी ने अपने संबोधन में कहा कि यह भवन न्याय व्यवस्था का एक भाग है यह मात्र एक ईट-पत्थर का भवन नहीं है बल्कि न्याय दिलाने का एक महत्वपूर्ण स्थल भी है। कार्यक्रम में स्वागत भाषण एन.डी. तिगाला, जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के द्वारा दिया गया। न्याय मोबाईल एप के संबंध में शहाबुद्दीन कुरैशी, रजिस्ट्रार कम्प्यूटराईजेशन कमेटी उच्च न्यायालय द्वारा विस्तृत जानकारी दी गई। आभार प्रदर्शन सिद्धार्थ अग्रवाल, सदस्य सचिव, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के द्वारा किया गया। कार्यक्रम में न्यायमूर्ति पी.पी. साहू, न्यायाधीश, छ.ग. उच्च न्यायालय, नीलम चंद सांखला, रजिस्ट्रार जनरल, रजिस्ट्री के अधिकारी, के.एल. चरयाणी, डायरेक्टर एवं न्यायिक एकेडेमी के अधिकारी, जिला न्यायालय के न्यायाधीश, अधिवक्ता संघों के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित थे।