बिलासपुर । होली का दिन उत्साह और मौज मस्ती भरा होता है। इस दिन बड़ो से ज्यादा छोटे बच्चे एवं युवा उत्साहित दिखते है। रंगो की मस्ती के साथ जब वह उधम चौकड़ी मचाते है तो मां बाप का दिल थोड़ा बैचेन हो जाता है मौज मस्ती के चक्कर में कही बच्चों के साथ पेरेंट्स की भी होली फीकी न पड़ जाऐ इसके लिये कुछ बातों का ख्याल जरूर रखे। आपकी जरा सी लापरवाही रंग में भंग का कारण बन सकती है। अपोलो हॉस्पिटल बिलासपुर द्वारा होटल डाउन टाउन मे सेफ होली विषय पर जागरूकता अभियान के तहत प्रेसवार्ता की गयी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथी बिलासपुर जिला कलेक्टर डॉ. संजय अलंग रहे। उन्होने कहा कि दुर्घटनाओं के होने में लोंगों में धैर्य की कती होना एक प्रमुख कारण है। वर्तमान में हर व्यक्ति जल्द से जल्द अपने गंतव्य में पहुचने की कोशिश में इतना अधीर हो जाता है कि व आसन्न क्षतरे को नही देख पाता और दुर्घटना का शिकार हो जाता है। दुर्घटनाओं में होने वाली मौत व स्थायी बपंगता के संबंण में गोल्डन ऑवर अर्थात शुरू के एक से डेढ घंअै को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। इस अवसर पर उन्होने बिलासपुर जिले के सभी नागरिको को होली की शुभकामनायें दी एवं सुरक्षित होली खेलने की अपील की।इस अवसर पर अपोलो हॉस्पिटल बिलासपुर के वरिष्ठ न्यूरोसर्जन डॉ. राजकुमार ने बताया की होली के समय लापरवाही पूर्वक एवं नषे की स्थिति में गाड़़ी चलाने की वजह से रोड एक्सीडेंट की संभावनायें बढ़ जाती हैं। इसमें सर एवं स्पाईन मे गंभीर चोट आने की संभावना बहुत होती है। होली के अवसर पर इस प्रकार की सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ो मे वृ़द्धी देखी गई है। उन्होने हेलमेट के उपयोग को आवष्यक बताते हुए कहा की कई गंभीर सड़क दुर्घटनाओं में हेलमेट का उपयोग जीवन रक्षक साबित हुआ है। उन्होने सड़क दुर्घटनाओं मे आने वाली चोटो के बारे में लोगो को बताया एवं प्राथमिक चिकित्सा संबधि निर्देषो को बताया। इस अवसर पर गंभीर सड़क दुर्घटनाओं का सामना किये हुये मरीजो ने अपने विचार व्यक्त किये एवं हेलमेट के उपयोग को अत्यंत आवष्यक बताया। कार्यक्रम के सम्माननिय अतिथी श्री अटल श्रीवास्तव ने कहा होली एक ऐसा त्योहार है जिसकी गूंज सिर्फ देष में ही नही देष के बाहर तक सुनाई देती है उन्होने युवाओं से गाड़ी को धीमे एवं नियंत्रण में चलाने, टाईम मैनेजमेंट पर ध्यान देने की अपील की।सम्माननिय अतिथी श्री काषीनाथ घोरे जी ने विषेषकर युवाओं से षराब का सेवन न करने एवं सुरक्षित होली मनाने की सलाह दी। अपोलो हॉस्पिटल बिलासपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. सजल सेन ने कहा की इस बात का हमेषा ध्यान रखे की जब भी आपका छोटा बच्चा रंग या पानी से होली खेले तो घर का कोई न कोई बड़ा उसके आसपास रहे, कैमिकल वाले रंगो का उपयोग करने से बचे इनमे हानिकारक रसायन होते है जो स्किन एलर्जी या रैष का कारण बन सकते है। वही प्राकृतिक रंग होने में काफी आसान होते है और त्वचा को नुकसान नही पहुॅचाते, उन्होने कहा माना की गुब्बारे के साथ खेलने मे मजा आता है , लेकिन यह उस व्यक्ति को चोट पहुॅचा सकता है जिस पर गुब्बारा फेंका जा रहा है। जिस प्रभाव के साथ यह उन पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। उन्होने युवाओं को गाड़ी चलाते समय मोबाईल का उपयोग न करने की विषेष सलाह दी एवं अपोलो परिवार बिलासपुर की ओर से सभी को होली की तहे दिल से षुभकामनाऐ दी।