इंदौर. मिनी मुंबई के नाम से प्रसिद्ध इंदौर में कोरोना वायरस संक्रमण (Coronavirus) के 20 नये पॉजिटिव मरीज़ मिले हैं. मंगलवार आधी रात के बाद जारी हेल्थ बुलेटिन में इसकी जानकारी दी गयी है. इनमें से 9 पुरुष, 11 महिलाएं और छोटे बच्चे शामिल हैं. इन्हें मिलाकर अब तक इंदौर में कोरोना पॉजिटिव की संख्या बढ़कर 63 हो गई है.

इंदौर में कोरोना का संक्रमण बढ़ गया है. रात करीब 1 बजे के बाद एमजीएम कॉलेज ने हेल्थ बुलेटिन जारी किया. इस बुलेटिन में 20 मरीजों में कोरोना वायरस पॉजिटिव की पुष्टि की गयी. पीड़ित लोगों में 9 पुरुष और 11 महिलाओं में कोरोना पॉजिटिव मिलने की पुष्टि की गयी है. इन पीड़ितों में 19 मरीज़ इंदौर के हैं और एक खरगोन का. इस अपडेट के बाद अब इंदौर में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़कर 63 हो गयी है.

इस नये पेशेंट की पहचान होने के बाद खरगोन में कोरोना का यह पहला केस है. इंदौर में जो मरीज़ मिले हैं, उनमें से सात महिलाएं और तीन बच्चे हैं. बच्चियों की उम्र 3 और 5 साल की है, जबकि बच्चा 8 साल का है. सभी तंज़ीम नगर इलाके के रहने वाले हैं.

इंदौर टॉप 5 संक्रमित शहरों में शामिल

 

कोरोना के तेज़ी से बढ़ते संक्रमण के कारण इंदौर देश के टॉप 5 सबसे ज़्यादा संक्रमित शहरों में शामिल हो गया है. यहां कुल 5 मरीज़ों की मौत हो चुकी है. इनमें से दो मरीज़ उज्जैन के थे, जो इंदौर में एडमिट थे. इंदौर में पॉजिटिव पाए गए किसी भी मरीज़ की ट्रैवल हिस्ट्री नहीं मिली है. यही चिंता का सबसे बड़ा कारण बन गया है कि आखिर संक्रमण कहां से फैला. देश के अन्य शहरों या राज्यों की तुलना में यहां मरीजों की संख्या कम होने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग ने इंदौर के सेकंड अपर स्टेज में पहुंचने की घोषणा कर दी है. मरीजों के इलाज के लिए जिले के अस्पतालों को रेड, येलो एवं ग्रीन केटेगरी में बांट दिया गया है.

7 दिन टोटल लॉकडाउन
इंदौर के हालात को देखते हुए ही प्रशासन ने फिर शहर को अगले 7 दिन तक पूरी तरह से लॉकडाउन कर दिया है. इससे पहले तीन दिन का टोटल लॉकडाउन हो चुका है. प्रशासन ने लोगों को सख्त हिदायत दी है कि वो घर में रहें और प्रशासन का सहयोग करें.

तेज़ी से फैलाव
इंदौर शहर कोरोना वायरस का संक्रमण के जिस दौर से गुजर रहा है, उस स्टेज में संक्रमण बहुत तीव्र गति से फैलता है. शहर में पाए गए कोरोना पॉजिटिव मरीजों के घर और उसके आसपास के इलाकों को कंटेनमेंट एरिया घोषित किया गया है. हज़ारों लोग क्‍वारंटाइन किए जा चुके हैं. घनी बस्ती होने के कारण संक्रमण तेज़ी से फैला. रानीपुरा, हाथीपाला सबसे ज्यादा चुनौती वाले क्षेत्र हैं. घनी बस्ती होने के कारण यहां संक्रमण बहुत तेजी से फैला है.