किशोरावस्था बहुत ही संवेदनशील होती है। इस दौरान शारीरिक और मानसिक दोनो ही तरह के बदलाव बहुत तेजी से होते है। किशोर उम्र के बच्चे अपने आसपास के वातावरण से बहुत तेजी से प्रभावित होते है। उन्हे युवाओं जैसे काम करने होते है। इसमें जिम करना भी शामिल है लेकिन इस उम्र में जिम में व्यायाम करना उनके लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। किशोर बच्चों की पसंद मस्कुलर बॉडी बनान रहती है। जिसके लिए वे जिम की तरफ आकर्षित होते है लेकिन 20 से पहले जिम जाना शरीर के लिए अच्छा नहीं होता है। दरअसल इस उम्र में शरीर प्राकृतिक रूप से बढ़ रहा होता है जो जिम जाने की वजह से अलग शेप मे ही हो जाता है। जिससे मांसपेशियों में खिंचाव होने के साथ हड्डियों की सही ग्रोथ नहीं होती और हार्मोन्स ठीक से रिलीज न होने के कारण हार्मोन इंबेलेंस की समस्या सामने आती है। 20 की उम्र तक सामान्यत: लंबाई बढ़ाने वाली हड्डियों में फ्यूजन होने से लंबाई बढऩे की प्रक्रिया बंद हो जाती है।
जिम जाने की वजह से आपकी लंबाई और वजन पर भी असर पड़ता है। ऐसे में कम उम्र की लड़कियों को पीरियड्स, पीसीओडी आदि जैसी समस्यायें होने का खतरा रहता है। जिम के साथ सही डाइट ना लेने के कारण मोटापा बी बढ़ सकता है।
भविष्य में हो सकती हैं बिमारियां 
भविष्य में  हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, हृदय रोग आदि से घेर सकती है। वजन के मुताबिक लंबाई ना होना भी बीमारियों को न्यौता देने जैसा होता है। कई बार कम उम्र में ज्यादा वेट उठाने से फायदे की बजाय नुकसान हो जाता है।
यह एक ऐसी उम्र होती है जहां सबसे ज्यादा ध्यान  बच्चों को अपनी पढ़ाई, करियर आदि पर लगाना चाहिए। जिम जाना और बॉडी बिल्डिंग करना अभी के लिए सही नहीं माना जाता है। अगर आप खेलों में ज्यादा भाग लेते है। इस कारण जिम जाना चाहते है तो भी भारी वर्कआउट ना करें।
घर के काम
वर्कआउट उतनी देर करें, जिससे आप ज्यादा थकें नहीं और अन्य मूवमेंट्स सुचारु रूप से कर सकें। किशोर बच्चे शुरुआत में तीस से पैंतालीस मिनट तक जिम में व्यायाम करें। यदि आप काफी समय से जिम जा रहे हैं तो ही एक से सवा घंटे तक व्यायाम करें।
जंकफूड से रहें दूर 
इस उम्र मे आप अपने शरीर को अच्छे खाने पान की मदद से गठीला बना सकते है। इसके लिए आपको जिम जाने की आवश्यकता नहीं है। आप अपने खाने को लेकर सजग रहें। जंकफूड आदि से दूरी बनाए रखें। खाने में बहुत ज्यादा मीठे पेय और सफेद ब्रेड की आदत से बचना चाहिए।
इनसे भविष्य में सेहत खराब होने का खतरा रहता है। डेली रुटीन सही रखें, जिसमें समय पर सोने व उठने, भोजन करने, पढऩे, आराम करने जैसे नियम शामिल हो।
किशोरावस्था में हड्डिया बहुत नाजुक होती है। मांसपेशियां और नसें भी नरम होती हैं। ऐसे में उन्हें जिम में भारी वर्कआउट करना नुकसानदायक होता है। यह शरीर के विकास पर भी बुरा असर डाल सकता है। जिम के कारण चोट आदि लगने का खतरा भी बढ़ जाता है।