नई दिल्ली । विदेशों से भारतीय नागरिकों को वापस लाने के लिए भारतीय नौसेना ऑपरेशन ‘समुद्र सेतु’ का अगला चरण 01 जून से शुरू करेगी। इस चरण में युद्धपोत आईएनएस जलाश्व श्रीलंका और मालदीव से 700–700 नागरिकों को वापस भारत लाएगा।

नौसेना के एक अधिकारी ने बताया कि श्रीलंका और मालदीव में भारतीय मिशन वापस आने वाले भारतीय नागरिकों की सूची तैयार कर रहे हैं। मेडिकल स्क्रीनिंग के बाद सभी को बंदरगाह पर ठहरने की सुविधा दी जाएगी। कोविड से संबंधित सामाजिक दूरी के मानदंडों का जहाज पर पूरी तरह ध्यान रखा जाएगा और समुद्री यात्रा के दौरान भारतीयों को जहाज पर ही बुनियादी और चिकित्सा सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।

उन्होंने बताया कि इस बार आईएनएस जलाश्व मालदीव और श्रीलंका से यात्रियों को लेकर तूतीकोरिन, तमिलनाडु के बंदरगाह पर लौटेगा। ऑपरेशन ‘समुद्र सेतु’ के पहले और दूसरे चरण में भारतीय नौसेना मालदीव से 1,488 भारतीय नागरिकों को वापस कोच्चि बंदरगाह पर ला चुकी है। यह 1488 भारतीय 22 राज्यों से सम्बंधित हैं जिसमें 205 महिलाएं (133 गर्भवती) और 38 बच्चे शामिल हैं। इनमें सबसे ज्यादा 1101 नागरिक केरल से हैं। तमिलनाडु से 283, आंध्र प्रदेश से 10, पश्चिम बंगाल से 12, उत्तराखंड के 9, तेलंगाना के 12, कर्नाटक के 10, लक्षदीप के 7, दिल्ली-झारखण्ड के 6–6, हिमाचल-महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के 5–5, राजस्थान के 4, हरियाणा के 3, मध्य प्रदेश‑ओडिशा-पुद्दुचेरी के 2–2 यात्री हैं। इसके अलावा असम, चंडीगढ़, गोवा, पंजाब के एक-एक यात्री हैं।

तीसरे चरण में आईएनएस जलाश्व भारतीयों को लेकर तूतीकोरिन, तमिलनाडु के बंदरगाह पर पहुंचेगा। पोर्ट पर उतरने के बाद भारतीयों को राज्य के अधिकारियों को उनकी देखभाल के लिए सौंपा जाएगा। इस ऑपरेशन को भारत के विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय और राज्य सरकारों की विभिन्न एजेंसियों के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।