नई दिल्‍ली। कोरोना संकट और चरणबद्ध लॉकडाउन खोलने की घोषणा के बीच एक जून से देश में ‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ लागू किया जा रहा है। इस योजना की शुरुआत 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से होगी। इस योजना के तहत देश के गरीबों को कम कीमत पर राशन मिलेगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत राहत पैकेज की घोषणा के दौरान इसका जिक्र किया था। दरअसल ये योजना लागू होने के बाद राशन कार्ड का फायदा देश के किसी भी कोने में उठाया जा सकता है।

गौरतलब है कि केंद्रीय खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री रामविलास पासवान ने पिछले दिनों ही कहा था कि केंद्र सरकार 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में एक जून से राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी योजना के सुभारंभ के लिए तैयार है। दरअसल भारत सरकार की महत्वकांक्षी योजना ‘वन नेशन, वन राशन कार्ड’ से कुल 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को जोड़ने का ऐलान किया गया है, जिसमें कुछ राज्यों को पहले ही शामिल किया गया था और अन्य को बाद में जोड़ा गया था। फिलहाल इस योजना के तहत पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर पिछले साल 1 अगस्त से आंध्रप्रदेश‑तेलंगाना और गुजरात‑महाराष्ट्र के बीच राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी की सुविधा शुरू कर दी गई है।

कैसे और किसे मिलेगा इसका लाभ
दरअसल ‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ योजना मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी की तरह ही है, जिस तरह से आप अगर अपना मोबाइल नंबर को बरकरार रखते हुए दूसरे टेलीकॉम कंपनी की सेवा लेते हैं। इसी तरह आप राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी के तहत देश में कहीं भी रहते हुए अपने हिस्से का राशन ले सकते हैं। उदाहरण के तौर पर मान लीजिए कि एक राशनकार्ड पर 5 मेंबर हैं और पांचों अलग-अलग राज्यों में रह रहें तो भी वह अपने हिस्से का राशन इन राज्यों से उठा सकते हैं। इस योजना के तहत पीडीएस लाभार्थियों की पहचान की जाएगी और उनके आधार कार्ड पर इलेक्ट्रिक पॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) से योजना का लाभ दिया जा सकेगा। इस स्कीम से अभी 67 करोड़ लोगों को फायदा मिलेगा।

उल्‍लेखनीय है कि राशन कार्ड का वर्तमान नियम ये है कि आपका राशन कार्ड जिस जिले का बना है, उसी जिले में राशन मिल सकता है। जिला बदलने पर भी इसका फायदा नहीं मिल पाता है। कोरोना संकट के वक्‍त में गरीबों तक राहत पहुंचाना इस नियम के कारण बड़ी चुनौती थी। इसलिए सरकार ने कहा कि राशन कार्ड नहीं होने पर भी उसका फायदा फिलहाल मिलेगा। बता दें कि राशन कार्ड का फायदा गरीबी रेखा के नीचे (बीपीएल) कार्डधारकों को मिलता है। इसके तहत उन्हें सस्ती कीमत पर अनाज मिलता है। वन नेशन, वन राशन कार्ड लागू होने के बाद गरीबी रेखा के नीचे वाले लोग कम कीमत पर देश के किसी कोने में राशन खरीद सकते हैं।