नई दिल्‍ली। कोविड‑19 की महामारी के बीच रिलायंस जियो में निवेश का सिलसिला जारी है। अब रिलायंस इंडस्‍ट्रीज लिमिटेड आरआईएल के जियो प्‍लेटफॉर्म में अबू धाबी की मुबाडाला इंवेस्‍टमेंट कंपनी 1.85 फीसदी हिस्सेदारी के बदले में 9,093.6 करोड़ रुपये निवेश करेगी। इस तरह यह रिलायंस जियो में पिछले छह हफ्ते में छठा बड़ा विदेशी निवेश है। मार्केट कैप के लिहाज से देश की सबसे बड़ी कंपनी आरआईएल ने शुक्रवार को ये जानकारी दी है।

आरआईएल ने जारी एक बयान में बताया कि अबू धाबी का सोवरेन फंड मुबाडाला इंवेस्टमेंट जियो प्लेटफॉर्म्स में 1.85 फीसदी 9,093.6 करोड़ रुपये में खरीदेगी। यह निवेश इक्विटी वैल्यू 4.91 लाख करोड़ रुपये और इंटरप्राइजेज वैल्यू 5.16 लाख करोड़ रुपये पर तय हुआ है।
इस निवेश के साथ ही जियो प्लेटफॉर्म्स ने 6 हफ्ते के कम सयम में अभी तक दुनिया की अग्रणी टेक्नोलॉजी और ग्रोथ इंवेस्टर्स से 87,655.35 करोड़ रुपये जुटा चुका है। इन इंवेस्टर्स में फेसबुक, सिल्वर लेक, विस्टा पार्टनर्स, जनरल अटलांटिक, केकेआर और मुबाडाला इंवेस्टमेंट शामिल हैं।

आरआईएल के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी ने मुबाडाला के जियो प्लेटफॉर्म्स में निवेश पर खुशी जताई है। उन्होंने जारी एक बयान में कहा कि मुझे खुशी है कि दुनिया की सबसे बेहतर और परिवर्तनकारी निवेशकों में से एक मुबाडला हमारे साथ पार्टनरशिप का फैसला किया है। वह भारत को डिजिटल राष्ट्र बनाने की हमारी यात्रा का हमसफर बनेंगे। उन्होंने कहा कि ‘अबू धाबी के साथ अपने लंबे समय के संबंधों के जरिए से मैंने व्यक्तिगत रूप से मुबाडाला के काम के प्रभाव को देखा है। हमें उम्मीद है कि कंपनी को मुबाडाला के अनुभव से फायदा होगा।’

वहीं, मुबाडाला इंवेस्टमेंट कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और ग्रुप सीईओ खलादून अल मुबारक ने कहा कि उनकी कंपनी उच्च विकास वाली कंपनियों के साथ काम करने और उनमें निवेश करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि हमने देखा है कि कैसे जियो ने भारत में संचार और कनेक्टिविटी को पहले से बदल दिया है। एक निवेशक और भागीदार के रूप में हम भारत की डिजिटल विकास यात्रा का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

उल्लेखनीय है कि निजी टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जियो में एक के बाद एक विदेशी कंपनियां निवेश कर रही हैं। आरआईएल का जियो टेलिकॉम कंपनी फिल्म, न्यूज और म्यूजिक ऐप्स का भी संचालन करता है। कंपनी में अभी तक 18.97 फीसदी विदेशी निवेश हो चुका है। दरअसल जियो एक ऐसे “डिजिटल भारत” का निर्माण करना चाहता है जिसका फ़ायदा 130 करोड़ भारतीयों और व्यवसायों को मिले।