कोलकाता। भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई ने ममता बनर्जी की सरकार पर आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार से रुपये उगाही करने के लिए राज्य सरकार केंद्रीय टीम का आदर कर रही है।

दरअसल चक्रवात प्रभावित पश्चिम बंगाल के जिलों में स्थिति का आकलन करने के लिए अंतर मंत्रालयी केंद्रीय टीम गुरुवार शाम बंगाल आई है। ममता बनर्जी की सरकार ने इस टीम को राज्य अतिथि का दर्जा दिया है और जमकर आदर सत्कार किया जा रहा है। इसे लेकर भाजपा के राष्ट्रीय सचिव और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राहुल सिन्हा ने सवाल खड़ा किया है।

उन्होंने कहा है कि कोरोना से बिगड़ रहे हालात का आकलन करने के लिए जब केंद्रीय टीम आई थी तब ममता बनर्जी की सरकार ने उनके साथ निम्न श्रेणी के नागरिकों के जैसा बर्ताव किया था। उसके बाद जब राज्य में चक्रवात आया था और लोगों को बचाने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम आई थी तब उनके साथ भी भेदभाव पूर्ण बर्ताव किया गया था। लेकिन अब चक्रवात से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए जो केंद्रीय टीम आ रही है उनका आदर दमाद की तरह करने की तैयारी की गई है। ऐसा क्यों? इसकी वजह सिर्फ इतनी है कि इस टीम के साथ अच्छा बर्ताव करेंगे तब केंद्र सरकार से रुपये मिलेंगे। ममता सरकार केवल स्वार्थ सेवी सरकार हैं।

उन्होंने कहा कि जहां रुपये मिलेंगे, तृणमूल वहीं घुटने टेकेगी। अगर यही केंद्रीय टीम यह देखने के लिए आती कि चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान ठीक से चल रहा है कि नहीं, तब उनके साथ इतना खराब बर्ताव किया जाता की शर्मिंदगी उठानी पड़ती। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी की सरकार केंद्रीय टीम को सरकारी अतिथि का दर्जा दे रहे हैं। यह हास्यास्पद है। सच्चाई यह है कि केंद्र सरकार के खर्च पर टीम आ रही है। अगर राज्य सरकार सच में इनका आदर करती है तो उनका खर्च भी वहन करना चाहिए।