लंदन । इंग्लैंड के विकेटकीपर बल्लेबाज सैम बिलिंग्स टेस्ट क्रिकेट भी खेलना चाहते हैं। बिलिंग्स ने कहा है कि अब वह सीमित ओवरों के प्रारुप में खेलने वाले क्रिकेटर के तौर पर ही सीमित नहीं रहना चाहते हैं। बिलिंग्स ने अपने करियर की शुरुआत में जब इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में खेलने का फैसला किया था, तब वह टेस्ट नहीं खेलना चाहते थे। इस क्रिकेटर ने अब तक एक भी टेस्ट मैच नहीं खेला जबकि उन्होंने अब तक 15 एकदिवसीय और 26 टी0 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं। कंधे की चोट के कारण वह पिछले साल विश्व कप टीम में शामिल नहीं किये गये थे। बिलिंग्स ने कहा, ‘इसके लिए मैं सफेद गेंद के क्रिकेट तक अपने को सीमित रखने के अलावा किसी और को दोषी नहीं मानता।’ उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि टेस्ट टीम में भी काफी अवसर मिलते हैं, विशेषकर एक बल्लेबाज के रूप में और साथ ही विकेटकीपिंग के तौर पर भी। मैं सिर्फ सफेद गेंद का खिलाड़ी नहीं बनकर रहना चाहता क्योंकि मैं इससे कहीं बेहतर हूं।’ बिलिंग्स ने आईपीएल में भाग लेने के बाद बदलाव की बात करते हुए कहा, ‘मैंने चार आईपीएल चरण खेले, आप इस तरह के अवसर को ठुकराना नहीं चाहोगे इसमें युवा खिलाड़ी के तौर पर आपके पास अपने को निखारने का मौका होता है. पहले दो वर्षों में उन्हें आईपीएल से कोई ज्यादा आर्थिक लाभ नहीं हुआ और इसलिए उन्होंने भी इसे केवल एक अवसर के रुप में लिया था।