आत्म जागृति का पर्व जैन चातुर्मास की आराधना शनिवार से विधिवत रूप से शुरू हो गई। चातुर्मास की आराधना के लिए शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जैन श्वेताम्बर मूर्तिपूजक संघ, स्थानकवासी एवं तेरापंथी जैन समाज के साधु-साध्वीवृंद का मंगल प्रवेश एक दिन पहले तक हो गया था।

वहीं वैष्णव व रामस्नेही संतों के चातुर्मास आरंभ एक जुलाई से शुरू हो गए थे। इस बार दो आश्विन माह होने से कार्तिक शुक्ल पूर्णिमा यानी 30 नवंबर तक कुल पांच माह तक चातुर्मास की आराधना होगी। साधुमार्गी जैन परंपरा के राष्ट्रीय संत आचार्य रामेश का चातुर्मास पावटा बी रोड स्थित चौरडिया भवन में शुरू हुआ है।

जैन श्वेताम्बर तेरापंथ समाज की ओर से मेघराज तातेड़ भवन, मुनि तत्वरूचि और तेरापंथ भवन अमरनगर में साध्वी कमलप्रभा चातुर्मास करेंगे। साधुमार्गी जैन संघ का चातुर्मास महामंदिर में आचार्यप्रवर रामलाल व उपाध्याय प्रवर राजेश मसा के सान्निध्य में होगा। मुनि विजय मोक्ष तिलक का चातुर्मास भैरुबाग पाश्र्वनाथ जैन श्वेताम्बर तीर्थ, जयमल जैन श्रावक संघ का चातुर्मास साध्वी शारदा कंवर कोठारी भवन सरदारपुरा तथा संत चन्द्रप्रभ सागर का चातुर्मास संबोधि धाम में होगा।

वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ महामंदिर में साध्वी मनोहर कंवर, बृज मधुकर डंकों बाजे रे स्थानक महामंदिर में साध्वी डॉ प्रीति सुधा, गुलाबनगर में, मुनि सुमतीचंद्रसागर, मुनि शीतलचंद्रसागर, यशवंतमुनि सामायिक स्वाध्याय भवन धर्मनारायणजी का हत्था, साध्वी चन्द्रकला दिग्विजय नगर, श्रमण संघ के कमल मुनि कमलेश महावीर भवन और साध्वी उमराव कंवर जयमल जैन स्मृति भवन महामंदिर में चातुर्मास होगा।