उभरते हुए बल्लेबाज देवदत्त पडीक्कल ने आईपीएल के अपने पहल ही मैच में शानदार अर्धशतक लगाकर सबका ध्यान खींचा है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर (आरसीबी) के इस युवा बल्लेबाज ने कहा कि अंतिम एकादश में जगह मिलने के बाद मैं काफी नर्वस था पर बल्लेबाजी के लिए उतरने और कुछ गेंद खेलने के बाद स्वाभाविक हो गया था। इस गेंदबाज ने कहा कि आरसीबी के कप्तान विराट कोहली और ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज एरोन फिंच से उन्होंने काफी कुछ सीखा।
उन्होंने कहा, 'पिछले एक महीने से हम अभ्यास कर रहे हैं और इस दौरान मैंने कप्तान विराट कोहली से बहुत कुछ सीखा। मैं उनसे अब भी सवाल पूछता रहता हूं। आज भी जब मैं ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज एरोन फिंच के साथ खेल रहा था तो उन्होंने भी मुझ पर काफी भरोसा जताया।' वहीं गेंदबाजी में शानदार प्रदर्शन करने वाले यजुवेन्द्र चहल ने अपने आखिरी और पारी के 16वें ओवर के बारे में कहा कि वह आक्रामक गेंद डालना चाहते थे, जबकि रक्षात्मक फील्ड लगाई गई थी। चहल ने कहा कि कोरोना वायरस ब्रेक के कारण लंबे समय बाद खेलने की वजह से वह भी काफी नर्वस थे पर नेट अभ्यास के कारण उन्हें गेंदबाजी में आसानी हुई। पूर्व कप्तान सौरव गांगुली, सचिन तेंदुलकर सहित कई दिग्गजों ने देवदत्त के प्रदर्शन की सराहना की है। 

इस युवा बल्लेबाज का सफर 
साल 2019 के मुश्ताक़ अली टी-20 टूर्नामेंट का पहला सेमीफ़ाइनल खेला जा रहा था। कर्नाटक की ओर से खेलते हुए देवदत्त ने हरियाणा के खिलाफ 42 गेंदों पर 87 रन बनाये। इस बल्लेबाज ने 12 मैचों में 175.76 के स्ट्राइक रेट से 580 रन बनाये। वहीं दूसरे नंबर पर रहे रुतुराज गायकवाड़, पडिक्कल से 161 रन पीछे थे जिससे इस बल्लेबाज की श्रेष्ठता का अंदाजा होता है। 
साल 2017. कर्नाटक प्रीमियर लीग के एक मैच में उन्होंने 53 गेंदों पर 72 रन बनाये थे। पहली बार सुर्खियों में जगह मिली। उसके बाद 2018 में रणजी में डेब्यू का मौका मिला। जब कर्नाटक ने 50 ओवरों वाली विजय हज़ारे ट्रॉफ़ी जीती, देवदत्त शीर्ष बल्लेबाज थे। उन्होंने 11 मैचों में 609 बनाये। इसके बाद सैयद मुश्ताक़ अली ट्रॉफ़ी में भी रन बनाने के मामले में कोई भी दूसरा बल्लेबाज देवदत्त के आस-पास नहीं पहुंच पाया था।