रायपुर । छत्तीसगढ़ में जो हो सो कम है। एकतरफा भारी भरकम बहुमत से आसीन सरकार के सरदार की प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए सख्ती से जारी लॉक डाउन के दौरान अगर नाश्ते के लिए एक होटल आबाद हो जाय तो इसमें रत्ती भर भी कौतूहल नहीं होना चाहिए। लॉक डाउन के दौरान  राज्य के सुपर नेता की अपने पार्टी दफ्तर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों के सम्मान में नाश्ता पेश करने के लिए राजधानी के कटोरा तालाब इलाके के नेताजी चौक स्थित नेताजी होटल की सेवाएं लिए जाने का मामला चर्चित हो रहा है। दरअसल केंद्र सरकार के खिलाफ कांग्रेस का एक प्रदर्शन होना है, जिसके बारे में जानकारी देने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कांग्रेस के राज्य मुख्यालय राजीव भवन में बीते रोज संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया। भरे लॉक डाउन में इस संवाददाता सम्मेलन का क्या औचित्य था, वह तो आयोजक ही जानें, लेकिन जब मीडिया का मजमा लगाया गया था तो चाय नाश्ते का इंतजाम भी जजमान का स्वाभाविक दायित्व था। सो अतिथि स्वागत की परम्परा के अनुसार यह इंतजाम किया गया। कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए होटल खुलवाकर गरमागरम नाश्ता तैयार करवाया गया। पत्रकारों ने अपना कर्तव्य निभाया और शिष्ट अतिथि की तरह स्वादिष्ट नाश्ते को ग्रहण करते समय यह भी विचार नहीं किया कि जिस सख्त लॉक डाउन में सारा शहर वीरान पड़ा है, उस वक्त में यह गर्म नाश्ता कैसे उपलब्ध हो गया! वैसे नाश्ते का पैकेट यह मुनादी तो कर ही रहा था कि किस दुकान का माल है। चर्चा यह भी है कि इस व्यवस्था के लिए भाजपा से जुड़े होटल कारोबारी को चुना गया! अब नेता प्रतिपक्ष धरम लाल कौशिक से लेकर पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ रमन सिंह भी धर्म संकट में हैं कि किस पर कार्रवाई की मांग की जाय, लॉक डाउन में होटल खोलने वाले पर अथवा होटल खुलवाने वाले पर?