कई बार ऐसा होता है कि हम पल भर में खुश हो जाते हैं और थोड़ी ही देर में गुस्सा, झुंझलाहट और एक दम से उदासी से घिरा महसूस करते हैं. ऐसी स्थिति को ही मूड स्विंग (Mood Swing) कहा जाता है. यह समस्‍या किसी को भी हो सकती है. लेकिन आमतौर पर महिलाओं में पीरियड के दौरान, प्रेगनेंसी, मेनोपॉज आदि के दौरान अधिक देखने को मिलता है. आमतौर पर हम इस समस्‍या को सीरियसली नहीं लेते और इसका असर हमारे व्‍यक्तिगत संबंधों पर पड़ने (Effects) लगता है. यही नहीं, इसका प्रभाव हमारे काम काज और दफ्तर के परफॉरमेंस पर भी दिखने लगता है. ऐसे में अगर आप भी किसी बात को लेकर जरूरत से ज्‍यादा रिएक्‍ट करने लगे हैं तो तो हम आपकी इस समस्‍या (Problem) को दूर करे का यहां उपाय बताते हैं.

मूड स्विंग को न लें हल्‍के में

हेल्‍थ शॉट्स के मुताबिक, अगर जल्‍दी जल्‍द मूड स्विंग हो रहा है तो यह सामान्‍य नहीं है. ऐसे में शालीमार बाग मैक्स हॉस्पिटल में न्यूरो साइंसेज, प्रिंसिपल कंसल्टेंट डॉ शैलेश जैन ने बताया कि अगर जल्‍दी जल्‍दी मूड स्विंग हो तो मेडिकल टर्म में इसे बायोलॉजिकल डिसऑर्डर माना जाता है. ऐसे में लोगों को अपने दोस्‍तों या परिवार की मदद लेनी चाहिए.

मूड स्विंग के लक्षण

थका हुआ महसूस करना, नींद न आना, बेहद चिड़चिड़ा स्वभाव,  गुस्सा,    अत्याधिक दुखी रहना, काम में मन न लगना, कॉन्फिडेंस में कमी, एकदम भूख लगना, अनियमित पीरियड्स, ब्रीदिंग प्रॉब्लम.

ऐसे करें मूड स्विंग को कंट्रोल

1.हेल्दी डाइट

आपकी डाइट में वह सभी न्यूट्रिएंट्स होनी चाहिए जो आपके लिए जरूरी है. आपको जंक फूड का कम सेवन करना चाहिए] साथ ही अधिक नमकीन या अधिक मीठा और मसालेदार भोजन भी नहीं करना चाहिए. फलों और हरी सब्‍जी का खूब सेवन करें.

2.करें व्यायाम

अगर आप नियमित योगा, मेडिटेशन और कसरत आदि करते हैं तो आपके हॉर्मोन संतुलन को बेहतर रखना आसान होगा. ऐसा होने से आपका मूड भी ठीक रहेगा.

3.नींद पूरी लें

8 घंटे की नींद हर किसी के लिए जरूरी है. ऐसे में रात को जल्‍दी साएं और सुबह उठें. रात को लाइट ऑन कर ना साएं. अगर आप बेहतर तरीके से नींद पूरी करेंगे तो आप खुश भी महसूस करेंगे और आपका गुड हार्मोन ‘एंडोर्फिन भी बैलेंस रहेगा.

4.भरपूर पानी जरूरी

दिन में कम से कम 2 लीटर पानी हर किसी को पीना चाहिए. यदि आपका शरीर हाइड्रेट रहेगा तो आप किसी भी तरह की परेशानियों को बेहतर तरीके से ठीक करने में सक्षम रहेंगे.

5.सकारात्‍मक माहौल में रहें

आप किसी भी प्रकार की नेगेटिविटी से खुद को बचाएं और सकारात्‍मक सोच वाले लोगों के साथ रहें. इससे आप खुद को खुश रख पाएंगे.