न्यूयॉर्क । विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था में मजबूती के साथ सुधार देखा जा रहा है। घरेलू खपत बढ़ रही है और औद्योगिक उत्पादन कोविड-19 के पहले के स्तर पर है। मुरलीधरन ने कहा कि भारत की नरेन्द्र मोदी सरकार ने सुधार, क्रियान्वयन और बदलाव के मंत्र से दीर्घकालिक ढांचागत सुधार किए हैं। मंत्री ने यहां पिछले सप्ताह कहा ‎कि इन सुधारों में डिजिटल तरीके से लेनदेन से लेकर बैंकिग सुधार, भ्रष्टाचार पर रोक, मंहगाई रोकना आदि शामिल हैं। अब 90 प्रतिशत से अधिक एफडीआई मंजूरी को स्वत: मंजूरी क्षेत्र में रखा गया है। हम प्रत्येक क्षेत्र में रचनात्मकता और नवोन्मेष की पारिस्थितिकी को बढ़ावा दे रहे हैं। मुरलीधरन यहां शांति निर्माण एवं सतत शांति पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की उच्च स्तरीय खुली चर्चा पर भाग लेने के लिए दो दिवसीय यात्रा पर आए थे। उन्होंने जयपुर फुट यूएसए और ग्रेशिसय गिवर्स फाउंडेशन यूएसए द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कहा कि सरकार द्वारा किए गए सुधार भारत में कारोबारी तंत्र को प्रोत्साहित कर रहे हैं और प्रवासी अधिक निवेश तथा देश में प्रौद्योगिकी तथा कौशल लाकर इस प्रक्रिया में अहम भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा ‎कि हमारा दृढ़ता से मानना है कि परितंत्र में सुधार और प्रवासियों के साथ बेहतर तालमेल से देश में नए विचार आएंगे। यह प्रत्यक्ष है कि अर्थव्यवस्था मजबूती से पटरी पर लौट रही है। घरेलू खपत बढ़ी है और औद्योगिक उत्पादन कोविड के पहले के स्तर पर पहुंच गया है। मुरलीधरन ने भारतीय अमेरिकी समुदाय के लोगों और प्रवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत अब आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे बढ़ने की प्रक्रिया में है। मुरलीधरन ने भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति (बीएमवीएसएस) और जयपुर फुट यूएसए द्वारा किए जा रहे कार्यों की भी सराहना की।