जबलपुर | यह सफलता वृतांत है श्रीमती रजनी साहू का, जिन्‍होंने शासन की पीएमईजीपी योजना में लाभ लेकर स्‍वयं का बिजनेस स्‍थापित किया तथा न केवल स्‍वयं आत्‍मनिर्भर हुई अपितु इस कार्य के माध्‍यम से 12 व्‍यक्तियों को रोजगार भी दे रहीं हैं।
   श्रीमती रजनी साहू एक मध्‍यमवर्गीय परिवार से हैं। शादी के पहले से वे घर पर ही सिलाई का कार्य करतीं थी। शादी होने के बाद वे घर चलाने के लिए छोटा मोटा सिलाई का कार्य करतीं थी। फिर दो बेटियां एवं 1 बेटा की जिम्‍मेदारी बढ जाने से घर चलाने के लिए स्‍वयं का बडा रोजगार करने का विचार किया। सबसे पहले जो काम उन्‍हें आता था उसी को करने के लिए पूंजी जुटाने के लिए बैंक से संपर्क किया। वहां से उन्‍हें जिला उद्योग केंद्र में संपर्क करने का सुझाव  दिया  गया। उसके बाद उन्‍होंने जिला उदयोग केंद्र के हेल्‍प डेस्‍क से संपर्क कर योजनाओं की जानकारी प्राप्‍त की। जिसके बाद उनके दवारा पीएमईजीपी योजना अंतर्गत आनलाइन आवेदन कर 25 लाख रू. का ऋण प्रकरण तैयार कर यूनाईटेड बैंक तुलाराम चौक को प्रेषित किया गया। प्रकरण में जिला उद्योग केंद्र जबलपुर के द्वारा महिला उद्यमी होने के कारण इन्‍हें 25 प्रतिशत की सब्‍सीडी लाभ की पात्रता चिन्‍हांकित की गई तथा बैंक में प्रकरण प्रेषित कर स्‍वीकृति एवं वितरण की कार्यवाही जिला उद्योग केंद्र द्वारा संपन्‍न कराई गई।
   बैंक से ऋण प्राप्‍त कर उनके दवारा 14 मशीने स्‍थापित की गईं जो कि वर्तमान में बढकर 28 हो चुकी हैं। पूर्व में इनका व्‍यवसाय जो 1 कमरे तक सीमित था और लगभग 15-20 हजार रू. प्रतिमाह तक अर्जित कर पाती थीं, वह आज आधुनिक बाजार में सफलतापूर्वक प्रतिस्‍पर्धारत्  है तथा 1.5 करोड रू. से अधिक का वार्षिक कारोबार करतीं हैं। इकाई के लिए कच्‍चामाल वे सूरत से मंगाती हैं। महिला उद्यमी होने के कारण वह अपना योगदान अब सिर्फ घरेलू कामकाज तक सीमित न रखकर आर्थिक मदद के रूप में परिवार की उन्‍नति में सहभागी बनी हैं।  इनकी इस इकाई के माध्‍यम से 12 अन्‍य व्‍यक्तियों को भी रोजगार मिला है।
   श्रीमती रजनी को आवेदन करने से लेकर ऋण प्राप्‍त करने में लगभग 2 माह का समय लगा तथा उन्‍हें उद्योग विभाग से निरंतर सहयोग मिला। आज वे अपना अधिकांश उत्‍पाद (लोवर) छत्‍तीसगढ एवं उडीसा राज्‍यों में विक्रय कर रहीं है। कोरोना काल में उन्‍हें कुछ कठिनाईयों का सामना करना पडा है इसके बाद भी  वर्तमान में उनका वार्षिक टर्नओवर लग्रभग 1.5 करोड रू. रहा है। बाजार का रिस्‍पांस अच्‍छा है तथा वे निरंतर प्रगति कर रहीं हैं।
   श्रीमती रजनी साहू के जीवन स्‍तर में काफी उन्‍नति आई है तथा वे अपने बच्‍चों को अच्‍छी शिक्षा तथा परिवार को बेहतर जीवन शैली दिला पाने में सक्षम हुई हैं।