आंध्र प्रदेश के इन 9 सबसे प्राचीन और फेमस मंदिरों के बारे में जानने के बाद आप भी यहां एक बार ज़रूर घूमने जाना चाहेंगे।दक्षिण भारत के लगभग हर राज्य में एक से एक प्राचीन और फेमस मंदिर हैं। तमिलनाडु, केरल आदि राज्यों की तरह आंध्र प्रदेश में भी कई विश्व प्रसिद्ध मंदिर हैं। आंध्र प्रदेश में मौजूद इन मंदिरों में देश के लगभग हर कोने से लाखों भक्त दर्शन के लिए आते हैं। आज इस लेख में हम आपको आंध्र प्रदेश के 9 सबसे प्राचीन और फेमस मंदिरों के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां आप भी दोस्त या परिवार के साथ घूमने का प्लान बना सकते हैं, तो आइए जानते हैं।

रामप्पा मंदिर

आंध्र प्रदेश में मौजूद रामप्पा मंदिर एक पवित्र मंदिर होने के साथ-साथ एक विश्व प्रसिद्ध मंदिर भी है। कहा जाता है कि भगवान शिव को समर्पित इस मंदिर को बनाने में लगभग 40 वर्ष का समय लगा था। इस मंदिर भवन में भगवान शिव का लगभग 9 फीट ऊंचा शिवलिंग स्थापित हैं।

लेपाक्षी मंदिर

लेपाक्षी मंदिर आंध्र प्रदेश का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले में मौजूद लेपाक्षी मंदिर को वीरभद्र मंदिर और हेंगिंग टेम्पल के नाम से भी जाना जाता है। लेपाक्षी मंदिर रहस्यमयी कहानियों के साथ-साथ हैंगिंग पिल्लर के लिए भी प्रसिद्ध है। कहा जाता है कि इस मंदिर में विजयनगर साम्राज्य के इतिहास की झलक भी देखने को मिलती है। 

रंगनाथ मंदिर

रंगनाथ मंदिर जिसे स्वामी रंगनाथ मंदिर के नाम से भी जाना है। कहा जाता है आंध्र प्रदेश में मौजूद यह मंदिर सबसे प्राचीन मंदिरों में से एक है। कला प्रेमियों और पर्यटकों इस मंदिर को बेहतरीन स्थल माना जाता है। 

कोलाणु भारती मंदिर

कोलाणु भारती मंदिर आंध्र प्रदेश में देवी सरस्वती को समर्पित है और के बेहद ही पवित्र तीर्थ स्थल है। इस मंदिर परिसर में एक प्राचीन शिवलिंग भी मौजूद है, जिसके दर्शन के लिए हर रोज हजारों सैलानी पहुंचते हैं। इसके अलावा इस मंदिर परिसर में काल भैरव की एक मूर्ति है जिसे बाद पवित्र मूर्ति माना जाता है।

वेंकटेश्वर मंदिर

आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में मौजूद वेंकटेश्वर मंदिर यानि तिरुपति बालाजी मंदिर सबसे पवित्र और फेमस मंदिरों में से एक है। यहां हर साल लाखों भक्त दर्शन के लिए आते हैं।  समुद्र तल से लगभग 835 फीट पर निर्मित यह मंदिर सात पहाडिय़ों के मंदिर के नाम से भी फेमस है। इस मंदिर में हर साल भक्त करोड़ों रूपये दान करते हैं। मान्यता है कि जीवन में एक बार तिरुपति के दर्शन करने से जीवन सफल हो जाता है।

मंगलागिरि मंदिर

आंध्र प्रदेश में मौजूद मंगलागिरि मंदिर एक प्राचीन मंदिर होने के साथ-साथ एक पवित्र मंदिर भी है। भगवान विष्णु के साथ-साथ यह मंदिर देवी लक्ष्मी के लिए दक्षिण भारत में प्रसिद्ध है। इस स्थान को भारत के आठ महत्वपूर्ण महाक्षेत्र या पवित्र स्थलों में से भी एक माना जाता है।

कनक दुर्गा मंदिर

आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा मौजूद कनक दुर्गा मंदिर देवी दुर्गा को समर्पित है। इस मंदिर को देश भर में मौजूद 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है। कहा जाता है कि इस मंदिर का जिक्र भारत के कई पवित्र ग्रंथों में भी मिलता है। कई लोगों का मानना है कि इस मंदिर का निर्माण अर्जुन द्वारा किया गया था।

सिंहाचलम मंदिर

विशाखापट्टनम शहर में समुद्र तल से लगभग 800 मीटर की ऊंचाई पर मौजूद सिंहाचलम मंदिर भगवान नरसिंह को समर्पित है, जो विष्णु के अवतार हैं। कहा जाता है कि यह मंदिर चालुक्य, और चोल की स्थापत्य शैली का एक अद्भुत मिश्रण है। कहा जाता है कि यहां भगवान नरसिंह त्रिभंगा मुद्रा में दिखाई देते हैं।

मल्लिकार्जुन स्वामी मंदिर

भगवान शिव को समर्पित मल्लिकार्जुन स्वामी मंदिर  12 ज्योतिर्लिंगों में से एक हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस मंदिर को दक्षिण भारत में 'दक्षिण के कैलाश' के नाम से भी जाना जाता है।