नई दिल्लीः आम्रपाली मामले में मंगलवार को हुई सुनवाई में आम्रपाली ग्रुप को फटकार लगाई. सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली से कहा कि, 'निष्पक्ष रहें, सिस्टम के साथ निष्पक्ष रहें'. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आप पहले छुपाते है फिर हमारे ऑडिटर्स उनको बताते है फिर आप एक नया एफिडेविट जमा करते है. यह कब तक चलेगा?  हमने पहले भी आदेश दिया था कि अंतिम डिस्क्लोजर रिपोर्ट जमा करें, अब हम इसको बर्दाश्त नही करेंगे. 

सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली पर सख्त कार्रवाई करते हुए ग्रुप के हॉस्पिटल और अन्य संपत्ति अटैच करने का आदेश दिया. जिसमें कॉरपोरेट ऑफिस के टावर अटैच करने और गोवा की प्रोपर्टी बेचने का आदेश भी शामिल है.

सुप्रीम कोर्ट ने ग्रेटर नोएडा में मौजूद आम्रपाली हॉस्पिटल को अटैच करने का आदेश दिया. कोर्ट का DRT को निर्देश कि प्रोपर्टी को नीलाम करें. इसके अलावा कोर्ट ने आम्रपाली की गोवा में मौजूद प्रोपर्टी और कॉरपोरेट टॉवर को अटैच करने का भी आदेश दिया है.

कोर्ट ने 86 लग्जरी गाड़ियों की और पूरी जानकारी साथ आम्रपाली ग्रुप के सभी लेन-देन की जानकारी 3 सप्ताह में देने को कहा है. आम्रपाली ग्रुप के निदेशक चंदन वर्मा और अनिल मित्तल की तरफ से हलफनामा दाखिल किया गया है.  सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई 28 नवंबर को होगी.