भोपाल। मध्यप्रदेश की कमल नाथ सरकार ने एक और किसान हितौषी निर्णय लेने की ओर कदम बढ़ाया है। प्रदेश में किसानों की कर्जमाफी को लेकर राज्य शुरू हुई नई प्रक्रिया के तहत उन किसानों को भी शामिल किया जायेगा, जिनका कर्ज 2 लाख रुपये से अधिक है। अब बचे हुए किसानों का कर्ज अगले कुछ दिनों में माफ होना शुरू हो जायेगा। गौरतलब है कि कांग्रेस ने वचन पत्र में किसानों का 2 लाख तक का कर्जा माफ करने का वादा किया था, लेकिन अब मुख्यमंत्री कमल नाथ ने किसानों के हित में बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि 2 लाख से ज्यादा के कर्जदार किसानों का भी कर्जा माफ होगा। हालांकि इसमें शर्त यह है कि 2 लाख से ज्यादा राशि तभी माफ होगी,जब किसान 50 फीसदी राशि खुद जमा करेगा। इस संबंध में राज्य सरकार और बैंकों के बीच सहमति बन गई है। मुख्यमंत्री ने किसान यूनियनों से चर्चा के दौरान यह बात कही। इसी के साथ किसानों संघों ने हड़ताल वापस ले ली है। 
यह है प्लान 
सरकार का प्लान है कि जिन किसानों का दो लाख से अधिक फसल ऋण है उसमें दो लाख तक का ऋण तो सरकार की योजना के तहत माफ होगा। शेष ऋ ण राशि का 50 प्रतिशत अगर किसान जमा करता है तो उसका बाकी का 50 प्रतिशत ऋ ण माफ हो जाएगा। इसके साथ ही ऋ ण माफी समस्याओं के लिए जिला-स्तर पर अपील कमेटी बनेगी।
किसानों की समस्या सुनेगी समिति
किसानों की समस्या सुनने के लिए कमल नाथ ने राज्य-स्तरीय समिति गठन करने का निर्णय लिया है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री कमल नाथ ने किसान यूनियनों से चर्चा के दौरान समिति बनाने का वादा किया था। यह समिति सरकार और किसानों के बीच समन्वय का काम करेगी।  मुख्यमंत्री ने कहा कि ऋ ण माफी की प्रक्रिया में जो व्यवहारिक कठिनाइयां आई हैं और किसानों के बीच इसको लेकर जो भ्रम हैं, उसे दूर करने के लिए शासन तत्पर है। उन्होंने कहा कि किसान ऋ ण माफी में जिन किसानों को दिक्कत महसूस हो रही है वे कृषि मंत्री को अपनी समस्या, सुझाव और उसके समाधान संबंधी जानकारी दे दें, सरकार के स्तर पर समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री की सोच
नाथ ने जय किसान फसल ऋ ण माफी योजना के अमल की समस्याओं के समाधान के लिए जिला-स्तर पर अपील कमेटी भी गठित करने के निर्देश दिए हैं। इसके पीछे मुख्यमंत्री को सोच है कि प्रदेश में 65 प्रतिशत आबादी कृषि क्षेत्र से जुड़ी है। इसलिये किसानों की बात प्राथमिकता से सुनी जाये। किसानों से जुड़ी हर समस्या का समाधान त्वरित गति से तत्परता के साथ हो। उन्होंने कहा कि शासन का मानना है कि जब तक कृषि क्षेत्र में खुशहाली नहीं होगी तब तक हम प्रदेश की अर्थ-व्यवस्था को मजबूत नहीं बना सकेंगे।
पात्र किसानों को लाभ देना
मुख्यमंत्री कमल नाथ ने विपक्ष पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऋ ण माफी को लेकर कुप्रचार किया गया, लेकिन हम उसकी परवाह नहीं करते। हमारी चिंता यह है कि किसानों की ऋ ण माफी वचन पत्र के मुताबिक हो और हर पात्र किसान को इसका लाभ मिले।