वाशिंगटन,अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने तुर्की को धमकी दी है कि अगर उसने सीरिया के मामले में हद पार करने की कोशिश की, तो वह उसकी पूरी अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर देंगे। इससे पहले अमेरिका ने तुर्की की सीमा से अमेरिकी सैनिकों को हटाने का फैसला किया था, जिसे सही ठहराते हुए ट्रंप ने कहा था कि तुर्की में मौजूदा स्थिति से उसे खुद ही निपटना होगा।

ट्रंप ने ट्वीट किया, 'मैंने पहले भी कहा है और एक बार फिर बता रहा हूं कि अगर तुर्की ने कुछ ऐसा किया जो मेरी दृष्टि में हद से पार हुआ तो मैं तुर्की की पूरी अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर जड़ से मिटा दूंगा।'

हालांकि इससे पहले उन्होंने तुर्की को खुद ही कुर्दों से निपटने की सलाह दी थी। इस बारे में उन्होंने ट्वीट किया, 'तुर्की, यूरोप, सीरिया, ईरान, इराक, रूस और कुर्दों को स्थिति से खुद निपटना होगा और वे अपने-अपने क्षेत्रों से पकड़े गए आईएस के लड़ाकों के साथ जो करना चाहते हैं, वो करें। ज्यादातर युद्ध कबाइलियों के बीच हो रहे हैं। लेकिन अब इस ‘बेतुके अंतहीन युद्ध’ से निकलने का वक्त है और हमें सैनिकों को वापस घर बुलाना है। हम वह लड़ाई लड़ते हैं जो हमारे हित की होती है और सिर्फ जीतने के लिए लड़ते हैं।'

कुर्द लड़ाकों पर हमला करेगा तुर्की?
बता दें कि वाइट हाउस ने हाल ही में एक बयान जारी किया था, जिसमें उसने कहा कि लंबे समय से चल रही तैयारियों के तहत अब तुर्की उत्तरी सीरिया में आगे बढ़ेगा। लेकिन इस मिशन में उसके साथ अमेरिकी सैनिक शामिल नहीं होंगे। गौरतलब है कि तुर्की की सीमा से अमेरिकी सैनिक हटा लिए जाने के बाद वहां सिर्फ कुर्द ही रह गए हैं, जोकि आईएसआईएस के खिलाफ लड़ाई में अमेरिका के साथ खड़े रहे। कहा जा रहा है कि तुर्की सेना यहां कुर्द लड़ाकों पर हमला बोलेगी और इस हमले में अमेरिका उसके रास्ते में नहीं आएगा।

अमेरिकी सैनिक हटाने पर ट्रंप की आलोचना
वहीं सीरिया की उत्तरी सीमा से अमेरिकी सशस्त्र बलों को हटाने के ट्रंप के फैसले को कई लोगों ने सही नहीं माना। यहां तक कि संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत निक्की हेली ने इसकी आलोचना की। हालांकि ट्रंप ने यह कहकर खुद का बचाव करने की कोशिश की कि अमेरिका ने अपने हिस्से का काम कर दिया है और अब बाकी लोग अपने हिस्से का काम करें।

तुर्की कुर्दों को क्यों हटाना चाहता है?
कुर्दों ने आईएसआईस के खिलाफ लड़ाई में अमेरिका की मदद की थी। लेकिन तुर्की उन्हें आतंकवादी मानता है और कहता है कि वे तुर्की में सक्रिय अलगाववादी संगठनों की मदद करते हैं। यही वजह है कि तुर्की कुर्दों को हटाने पर अड़ा है। हो सकता है कि उत्तरी सीरिया की सीमा से अमेरिकी सैनिक हटा लिए जाने के बाद तुर्की कुर्द लड़ाकों पर हमला करे।