रायपुर. छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) की राजधानी रायपुर (Raipur) में तारों (Wire) का जाल लोगों की जान का दुश्मन बन गया है. आए दिन आगजनी की घटनाएं शॉर्ट सर्किट के कारण होती हैं, लेकिन न तो जिम्मेदार बिजली विभाग और न ही नगर निगम इसे लेकर संजीदा है. इसके चलते हादसों से आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. राजधानी में नया रायपुर में जहां बिजली के तार (Electric wire) नजर नहीं आएंगे, वहीं पुराने रायपुर में तारों का पूरा जाल नहीं बल्कि जंजाल है. यही आम लोगों के लिए परेशानी का सबब भी है.

दरअसल रायपुर (Raipur) के अधिकांश इलाकों में बिजली के फैले तार के कारण कई बार दुर्घटनाएं हो चुकी हैं. खासकर गोलबाजार जैसे मार्केट इलाके में, जहां शार्ट सर्किट के कारण ही 3 साल पहले एक होटल में आग लगी और 5 लोगों की जलकर मौत हो गई थी. इसी तरह कई दुकानों में आग लगने से करोड़ों का सामान जलकर खाक हो जाता है, लेकिन इन क्षेत्रों में फैले तार को व्यवस्थित करने कोई पहल नहीं की जाती है. जिम्मेदार एक दूसरे पर दोषारोपण करते हैं.
..तो कौन है जिम्मेदार

रायपुर में फैले तारों के जाल के लिए व्यापारी बिजली विभाग को दोष देते हैं. व्यापारी प्रतीक खंडाइतमेहर का कहना है कि बिजली विभाग को तारों को लेकर उचित व्यवस्था करनी चाहिए, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए, जिससे परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. वहीं स्थानीय निवासीह अनिल कुमार बिजली विभाग के साथ ही व्यापारियों को भी इसके लिए जिम्मेदार बता रहे हैं.

चर्चा का हवाला
रायपुर के महापौर प्रमोद दुबे इस मामले में बिजली विभाग से कई बार चर्चा किए जाने का हवाला दे रहे हैं. प्रमोद दुबे का कहना है कि कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों से इस संबंध में चर्चा की गई, लेकिन कोई ठोस कदम उनकी ओर से नहीं उठाया गया है. वहीं बिजली विभाग इस मसले पर बात करने को तैयार नहीं है.