उज्जैन (ujjain) कोरोना महामारी (corona) के इस दौर में कई तस्वीरें सामने आ रही हैं. देश में लॉक डाउन (lockdown) है. बीमारी का प्रकोप है. लोग घरों में है और कोरोना वॉरियर्स (Corona warriors) ऐसे हालात में भी अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद हैं. कोरोना महामारी के संकट और आग बरसाते आसमान के नीचे वो खुले में अपने देश और समाज के लिए फर्ज़ निभा रहे हैं. ऐसी ही एक तस्वीर उज्जैन से आयी. कोरोना वॉरियर एक डॉक्टर ने अपनी ज़िंदगी की परवाह ना कर मरीज़ को समय पर अस्पताल पहुंचवाया.उज्जैन के कंटेनमेंट एरिया में डॉक्टर विशाल सोलंकी की ड्यूटी लगी हुई है. उन्हें अचानक पीपीई ड्रेस में घबराहट होने लगी. वो संभल नहीं पाए और जमीन पर बैठ गए. इसी बीच वहां एंबुलेंस पहुंच गयी. एंबुलेंस की आवाज सुनते ही वो खड़े हो गए. संभले और खुद अपनी परवाह ना करते हुए वहां मौजूद मरीज को तत्कल एंबुलेंस में बैठाया और अस्पताल पहुंचाया.

झुके लेकिन डिगे नहीं
डॉ विशाल सोलंकी का वीडियो अब वायरल हो रहा है, जिसमें काम के प्रति उनका जज्बा देखते ही बनता है.उज्जैन में कोरोना वायरस से लोहा ले रहे अग्रिम पंक्ति के योद्धा के रूप में डॉ आज भगवान बनकर कर संक्रमित मरीजों का इलाज कर रहे हैं. डॉ विशाल सोलंकी 42 डिग्री की तपती गर्मी में पीपीईट पहनकर कंटेनमेंट एरिया में कुछ संदिग्ध मरीजों की सैंपलिंग के लिए पहुंचे थे.वो एंबुलेंस का इंतजार कर ही रहे थे कि उन्हें गर्मी के कारण घबराहट और चक्कर आने लगे. वे अपने आप को संभालने के लिए फौरन ज़मीन पर बैठे गए.

जान से बड़ा फर्ज़
डॉ विशाल अभी ठीक से संभल भी नहीं पाए थे कि एकाएक एंबुलेंस आ गयी. वो मरीज को लेने के लिए आयी थी.डॉ चौहान अपनी परवाह किए बिना झटपट उठे और अपना फर्ज़ पूरा करने में जुट गए. मरीज को एंबुलेंस में पहुंचाने के लिए वो उसी वक्त उठ खड़े हुए. हालांकि उनके साथ खड़े स्टाफ ने उन्हें आराम की सलाह दी लेकिन डॉ विशाल ने परवाह नहीं की और उसी जज्बे के साथ अपनी ड्यूटी निभाते रहे.