बिलासपुर. लॉकडाउन (Lockdown) के करण दूसरे राज्य में फंसे छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के मजदूरों की प्रदेश में वापसी शुरू हो गई है. ट्रेन से मजदूरों को वापस लाकर उन्हें 14 दिन के लिए क्वारंटाइन सेंटर (Quarantine Center) में रखा जा रहा है, लेकिन क्वॉरंटाइन में बदइंतजामी का हवाला देकर मजदूर वहां से भागने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं. ऐसा ही एक मामला बिलासपुर (Bilaspur) में देखने को मिला. यहां सिरगिट्टी के एक क्वारंटाइन सेंटर से मजदूरों का एक परिवार बाड़ा कूदकर भाग गया. बताया जा रहा है कि सेंटर में अव्यवस्था से परेशान होकर उन्होंने भागने का निर्णय लिया.छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से दैनिक भास्कर में प्रकाशित खबर के मुताबिक सिरगिट्टी के सांस्कृतिक भवन को क्वरंटाइन सेंटर बनाया गया है. वहां गुजरात के गांधी नगर से ट्रेन से लाए गए मजदूरों को 14 दिन तक क्वरंटाइन में रखा गया है. वहां की व्यवस्था को मजदूरों का एक परिवार चार घंटे भी नहीं झेल पाया. मजदूर बाड़ा कूदकर भाग गए. उनके पीछे क्वॉरंटेनिक सेंटर का केयर टेकर गौतम साहू भी भागा. लेकिन मजदूरों का परिवार उससे आधा किलोमीटर आगे निकल चुका था. इसके बाद वहां पुलिस बुलानी पड़ी. दूसरे क्वॉरंटाइन सेंटर में भी इसी तरह के आलम होने की बात कही जा रही है.

हर सहूलियत देने का हवाला
खबर के मुताबिक बिलासपुर जोन कमिश्नर प्रवेश कश्यप ने बताया कि दूसरे राज्यों से लाए गए मजदूरों को हर सहूलियत दी जा रही है. कुछ मजदूरों ने घर से लगेज मंगवाया था, उन्हें लगेज पहुंचवाया गया. इसके अलावा उनके खाने, ठहरने से लेकर हर व्यवस्था की जा रही है. गौरतलब है कि सिरगिट्टी के सेंटर से मुकेश लहरे, महेश्वरी लहरे समेत 6 मजदूर बाड़ा कूद कर भागे थे. इनकी वापसी के लिए पुलिस की मदद लेनी पड़ी.