कोरोना संक्रमण के कारण लॉक डाउन होने, घरों में रहने के कारण आजकल गरमी  का अहसास उतना नहीं हो रहा जितना घर से बाहर निकलने में होता हैं .हां उन गरीबों की अकथनीय वेदना से हमारा मन उनके दुखों के तपन से भींग जाता हैं .
ग्रीष्म ऋतू में सूर्य अपनी किरणों द्वारा संसार के स्नेह को सोख लेता हैं अतःइस काल में मधुर रस तथा शीट वीर्य वाले द्रव्य ,द्रव तथा स्निग्ध अन्नपान ,चीनी के साथ शीतल मंथ (घी ,सत्तू ,एवं शीतल जल का नातिसांद्रमिश्रण ) ,घी दूध चावल का सेवन करने से स्वाभाविक बल का नाश नहीं होने पाता
 आपने अब तक कई बार पढ़ा और सुना होगा कि हरी सब्जियां खाना सेहत के लिए अच्छा होता है। क्योंकि ये हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद करती हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि गर्मियों में हरी सब्जियां खाना आपको लू से बचाने में मदद करता है?
 हर कोई हमें एक सलाह जरूर देता है कि रोज हरी सब्जियां खाया करो! फिर चाहे हमें ये सब्जियां खाना पंसद ना हो...लेकिन मन में यह सवाल जरूर आता है कि ये हरी-हरी सब्जियां लाल खून कैसे बनाती हैं? ऐसा इनमें क्या होता है कि पैरंट्स से लेकर टीचर और फिर डॉक्टर हर कोई इन्हें खाने का सुझाव देता है?
 -ये सही है कि कई वेरायटी में हरी सब्जियां सर्दियों में अधिक मिलती हैं।
लेकिन सर्दियों की सब्जियों को हेल्दी समझकर गर्मी में ना खाएं। नहीं तो बीमार पड़ जाएंगे। इन - सब्जियों में पालक, मेथी, बथुआ, गोभी, पत्ता गोभी और मूली शामिल हैं।
-गर्मियों में आप बीन्स, लौकी, टिंडे, तुरई और मशरूम खाएं। ये सब्जियां आपको बहुत अधिक लाभ देंगी। हरी बीन्स खाने से शरीर को कई तरह मिनरल्स की प्राप्ति होती है।
मई-जून के महीने में हरी सब्जियां
-गर्मियों में हमें बहुत अधिक पसीना आता है। इस कारण हमारे शरीर से सोडियम क्लोराइड की बड़ी मात्रा बाहर निकल जाती है। इससे शरीर में अम्ल की कमी हो जाती है।
-वहीं, ज्यादातर सब्जियां प्राकृतिक रूप से अम्लीय होती हैं। इन्हें खाने से पसीने के जरिए बाहर निकले सोडियम क्लोराइड की कमी को पूरा किया जा सकता है। अम्ल शरीर को ठंडा रखने के काम क रता है।
हर रोज हरी सब्जी खाने के फायदे
-हरी सब्जियां हमारे रक्त में हीमोग्लोबिन को बढ़ाने का काम करती हैं। इससे हमारी इम्युनिटी बूस्ट होती है और हम हेल्दी रहते हैं। खास बात यह है कि अगर गर्मियों में हर रोज हरी सब्जियों का सेवन किया जाए तो लू नहीं लगती है। डिहाइड्रेशन नहीं होता है।
शरीर का पीएच लेवल
आपने अक्सर सुना होगा त्वचा के पीएच लेवल के बारे में या बॉडी की पीएच वैल्यू के बारे में। दरअसल हमारे शरीर में अम्लीय और क्षारीय तत्वों का जो संतुलन होता है, उसे ही शरीर की पीएच वैल्यू के नाम से जाना जाता है। इसलिए हरी सब्जियां गर्मी के मौसम में हमारा स्वास्थ्य बनाए रखने के साथ ही हमारी सुंदरता का भी ध्यान रखती हैं।
सब्जी में ना खाएं टमाटर और गाजर
-गर्मी के मौसम में भले ही आपको गाजर मार्केट में आराम से मिल जाती है। लेकिन आप इसका सेवन ना करें तब ही बेहतर है। क्योंकि गर्मी का मौसम गाजर का नहीं होता। बेवक्त और बिना मौसम के जिन सब्जियों का सेवन किया जाता है वे शरीर को लाभ नहीं हानि देती हैं।
-गर्मी के मौसम में टमाटर की सलाद खाना सेहत के लिए अच्छा होता है। ना कि टमाटर की सब्जी खाना। क्योंकि टमाटर की सब्जी खाने से शरीर में पित्त बढ़ता है। यह बढ़ा हुआ पित्त शरीर को कई दूसरी बीमारियों से घेर देता है। जैसे, बाल झड़ना, पेट में गैस बनना, जलन होना, अपच होना आदि।
ग्रीष्म ऋतू में मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए ,लवण ,अम्ल तथा कटु रस वाले उष्णवीर्य द्रव्यों का सेवन और व्यायाम नहीं करना चाहिए .
 जहाँ तक हो धुप से बचाव करना चाहिए ,शीत से उष्ण या उष्ण से शीत में अचानक नहीं जाना चाहिए .कभी भी बाहर जाने के पहले पानी पीकर निकलना चाहिए .गरमी में बहुत महीन कपड़ा पहनकर धुप में फिरना हानिकारक हैं .सफ़ेद मोटे कपडे से शरीर को ढककर चलने से भी लू से बचाव होता हैं .गर्मी में बहुत चुस्त कपड़ा नहीं पहनना चाहिए ,गहरे रंगों के कपडे सूर्य की किरणों को आकर्षित करते हैं ,इसलिए गर्मी में सफ़ेद कपडा पहनना सर्वोत्तम होता हैं!
गर्मी में कच्चे आम का पना,ककड़ी, तरबूज, खरबूज ,आम ,मौसमी सब्जी जरूर खाना चाहिए .
लू लगने से शरीर में गर्मी बढ़ने से बैचेनी होती हैं उसके लिए इलाज़ के साथ पतले गमछे को गीला करके रोगी को बिना कपडे के ,उसके ऊपर से गीला गमछा को ७ बार उसके शरीर पर डालकर उपयोग करने से भी लाभ मिलता हैं .कोई कोई यह भी बताते हैं की प्याज जेब में रखने से भी लाभ होता हैं .दोपहर में जरूर आराम करना चाहिए .
लू को सामान्य रोग नहीं मानना चाहिए कभी कभी घातक हो जाता हैं .बचाव ही इलाज़ हैं!