रायपुर :  मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की पहल पर लॉकडाउन के दौरान जिले में अन्य राज्यों से आने वाले श्रमिकों और नागरिकों को ठहराने के लिए क्वारंटाईन सेंटर बनाने के निर्देश दिए थे। राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप सभी जिलों में क्वारंटाईन संेटरों की स्थापना की गई है। इसी कड़ी में सूरजपुर जिले के क्वारंटाईन सेंटरों में भी प्रवासी श्रमिकों के लिए बेहतर सुविधाएं जिला प्रशासन ने उपलब्ध कराई है। राज्य शासन के द्वारा मुहिम चलाकर लॉकडाउन में फंसे हुए व पैदल अपने घरों को निकले प्रवासी श्रमिकों के लिए बसों व ट्रेन के माध्यम से अपने घर तक लाया जा रहा है। जिला प्रशासन के द्वारा जिले की अंदरूनी सुरक्षा के लिए सीमाओं पर ही आने वाले व्यक्तियों का स्वास्थ्य परीक्षण करके उन्हें 14 दिनों के लिए क्वारंटाईन सेंटर में रखा जा रहा है जहां 14 दिन की अवधि में पूर्ण कर लेने के बाद उन्हें अपने घर को भेजा जाएगा।

    सूरजपुर जिले में 29 क्वारंटाईन सेंटरों की स्थापना की गई है जिसमें से 9 क्वांरटाईन सेंटर जिला स्तर के बनाए गए हैं। इन सभी जिला स्तरीय सेंटरों में लगभग 281 प्रवासी श्रमिक रह रहे हैं। जिला प्रशासन के द्वारा राज्य शासन के मंशानुसार यहां पर सभी बुनियादी सुविधाओं के साथ ही स्वास्थ्य जांच व सुरक्षा की समुचित व्यवस्था की गई है। जिले के श्रम अधिकारी ने बताया कि श्रमिकों को पैदल न चलना पडे इसके लिए बसों की व्यवस्था की गई है। फिजिकल डिस्टेंसिंग और सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए श्रमिकों को क्वारंटाईन सेंटर लाया जा रहा है। इन सभी क्वारंटाईन सेंटरों में श्रमिकों के रहने के लिए अलग-अलग व्यवस्था की गई है, जिसमें शौचालय की भी अलग-अलग व्यवस्था है, जिससे कोई भी संक्रमित व्यक्ति किसी अन्य श्रमिकों के संपर्क न आ पाए। सभी के लिए बाल्टी, मग, पानी पीने का ग्लास व अन्य दैनिक सामग्री व्यक्तिगत तौर पर उपलब्ध कराई गई है। इन सभी क्वारंटाईन सेंटरों में मेन्यु के अनुसार भोजन दिया जा रहा है। नास्ते में पोहा, भजिया, ब्रेडचाप, पूड़ी सब्जी, हलवा, चाय, बिस्किट व भोजन में चावल, दाल, हरी सब्जियां, आचार व सलाद दिया जा रहा है। साथ ही फल, दही, दुध व पापड़ भी उन्हें समय पर परोसा जा रहा है। इसके लिए जिला प्रशासन की पहल पर सामुदायिक किचन की व्यवस्था सुनिश्चित की गयी है। इन क्वारंटाईन सेंटरों की 24 घंटे निगरानी भी जिला कार्यालय में स्थापित कोविड-19 नियंत्रण कक्ष से सी.सी.टी.व्ही. कैमरा के माध्यम से की जा रही है। जिसके तहत कर्मचारियों की अलग-अलग शिफ्ट में ड्यूटी लगाई गई है।