कोलकाता । पश्चिम बंगाल केंद्रीय सरकार और रेलवे के बीच तलवारें खिंची हुए हैं। पश्चिम बंगाल सरकार ने तूफान और बारिश के कारण महाराष्ट्र सरकार और रेलवे से प्रतिदिन दो ट्रेने भेजने का अनुरोध किया था। ताकि महाराष्ट्र से जो प्रवासी भारतीय आ रहे हैं। उनके लिए उपयुक्त व्यवस्था की जा सके। पश्चिम बंगाल सरकार और महाराष्ट्र सरकार के अनुरोध के बाद भी रेलवे ने 41 ट्रेन में यात्री पश्चिम बंगाल भेज दिए। रेलवे बोर्ड ने यह जानबूझकर किया है, या अनजाने में हुआ है। इसको लेकर पश्चिम बंगाल महाराष्ट्र और केंद्र सरकार के बीच में तल्खी बढ़ गई है।
महाराष्ट्र सरकार के परिवहन मंत्री अनिल परम ने स्वीकार किया है, कि पश्चिम बंगाल सरकार ने दो ट्रेन भेजने का ही अनुरोध किया था। महाराष्ट्र सरकार ने उनकी बात मान भी ली थी। लेकिन रेलवे द्वारा जब 41 ट्रेनें भेजी गई, तो महाराष्ट्र सरकार की मजबूरी थी कि वह उनमें यात्रियों को भेजें।
पश्चिम बंगाल सरकार अभी तूफान के कारण हुए नुकसान और अफरा-तफरी से जूझ रही है। उसी बीच प्रवासी मजदूरों को बड़ी संख्या में भेजकर पश्चिम बंगाल सरकार और प्रवासी मजदूरों को परेशानी में डालने का काम रेलवे कर रही है।