अहमदाबाद | आगामी 23 जून को अहमदाबाद में निकलने वाली भगवान जगन्नाथजी की रथयात्रा से पहले आज जलयात्रा सादगी से संपन्न हो गई| नदी से लाए जल से भगवान गा ज्येष्ठाभिषेक किया गया| इस अवसर पर राज्य के उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल भी मौजूद रहे|
इस साल धूमधाम से नहीं बल्कि सादगी भगवान जगन्नाथजी के मंदिर जलयात्रा का आयोजन किया गया| वैश्विक महामारी कोरोना के कारण इस बार जलयात्रा में मंदिर के महंत दिलीपदास और राज्य के उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल समेत 10 जिलने लोग शामिल हुए| अबकी बार जलयात्रा में किसी को भी आमंत्रित नहीं किया गया| मंदिर से निकलकर जलयात्रा साबरमती के तट पर पहुंची| जहां महंत दिलीपदास और नितिन पटेल बोट में सवार होकर नदी के मध्य पहुंचे और गंगा पूजा करने के पश्चात भगवान के ज्येष्ठाभिषेक के लिए कलश में जल लिया| जलयात्रा के मंदिर में लौटने के बाद मंदिर के प्रांगण में पंडितों ने मंत्रोच्चार के बीच सात नदियों के जल से भरे 108 कलश से दिलीपदास और नितिन पटेल ने भगवान का ज्येष्ठाभिषेक किया| इस अवसर पर भी सीमित संख्या में लोग मंदिर में मौजूद रहे| मंदिर में काम करने वालों को छोड़ अन्य किसी को मंदिर में प्रवेश नहीं दिया गया|
इस अवसर उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल ने कहा कि आज जलयात्रा का सादगी से आयोजन किया गया| भारत समेत समूचे विश्व कोरोना महामारी से जूझ रहा है| ऐसे में कोरोना से बचने के लिए सभी गाइडलाइन का पालन करना जरूरी है| साथ ही 143 वर्षों से चली आ रही सांस्कृतिक परंपरा को भी बरकरार रखना जरूरी था| इसलिए सीमित लोगों के साथ सादगी से जलयात्रा का आयोजन किया गया| उन्होंने कहा कि कोरोना को रोकने के साथ ही परंपरा को निभाना है और इस अवसर पर मैं भक्त के तौर उपस्थित रहा| आगामी अषाढी दूज को सादगी से भगवान जगन्नाथजी की रथयात्रा निकालने की मंदिर के ट्रस्टियों ने सरकार से मंजूरी मांगी है| नितिन पटेल ने कहा कि सरकार और प्रशासन के साथ बैठक के बाद रथयात्रा से उचित फैसला किया जाएगा| रथयात्रा के दौरान सोशल डिस्टेंस मेंटेन करने के साथ ही मास्क पहनना अनिवार्य होगा| उन्हों ने कहा कि 143 साल पुरानी परंपरा बरकरार रहे और भगवान जगन्नाथजी गुजरात को सुखी और समृद्ध होने का आशीर्वाद दें|