राजकोट/अहमदाबाद । राज्यसभा चुनाव से पहले दो दिन में तीन कांग्रेस विधायकों के पार्टी से इस्तीफा देने के बाद अब कांग्रेस अपनी सरगर्मियां तेज कर अपने विधायकों को बचाने में लग गयी हैं। कांग्रेस ने अपनी विधायकों को रिसॉर्ट में रखने की रणनीति काम करना शुरू कर दिया है। कांग्रेस का अब राज्यसभा की दो सीटें जीतना असंभव सा है। वहीं भाजपा अपने तोड़ो वायरस के दम पर तीन सीट पर अपना झंडा फहराने की तैयारी कर रही है।

राज्यसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस ने रिसॉर्ट राजनीति शुरू कर दी है। सौराष्ट्र के सभी विधायकों को इंद्रनील राज्यगुरु के नीलसिटी क्लब में रखा गया है। कांग्रेस अपने विधायकों को टूटने से बचाने के लिए एक नई रणनीति तैयार कर रही है। सौराष्ट्र के विधायकों की जिम्मेदारी अर्जुन मोढवाडिया और परेश धानानी को सौंपी गई है। अन्य विधायकों की जिम्मेदारी भरत सिंह सोलंकी और प्रदेश प्रमुख अमित चावड़ा को सौंपी गई है। दक्षिण गुजरात और मध्य गुजरात के विधायकों को आनंद में एक रिसोर्ट में रखा गया है। वर्तमान में विधायक ललित वसोया और ललित कगाथरा सहित पांच विधायक नीलसिटी क्लब में पहुंच चुके हैं। जबकि अन्य विधायक शाम तक पहुंच जाने की उम्मीद जताई जा रही है।

कांग्रेस विधायक ललित वसोया ने एक बयान में कहा कि हम भाजपा में शामिल नहीं होने जा रहे हैं और अब कांग्रेस में कोई भी नेता नाराज नहीं है। जबकि ललित कगथारा ने कहा कि भाजपा नाम का एक वायरस है। यह वायरस हमारे विधायक से सब कुछ छीन लेता है। वहीं सौराष्ट्र के विधायकों ने स्थानीय कांग्रेस नेताओं से नाराजगी जताई है। कांग्रेस क्या सौराष्ट्र में एक भी विधायक विधायकों को बचाने में सक्षम नहीं है जबकि विपक्ष का नेता भी सौराष्ट्र से हैं।

उल्लेखनीय है कि अब तक कांग्रेस के आठ विधायक इस्तीफा दे चुके हैं। राज्यसभा चुनाव से पहले लगे झटके से उभरने के लिए कांग्रेस लगातार अपने नेताओं के बयानों की मदद से उभरने की कोशिश कर रही है। चंदनजी ठाकोर ने कहा है कि समय आने पर पता चलेगा कि भाजपा को किसने छोड़ा। आने वाले समय के लिए कांग्रेस ने अपनी रणनीति तैयार कर ली है।