पटना | पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की अनीसाबाद शाखा में 22 जून को दिनदहाड़े 52 लाख रुपये का डाका डालने वाले सरगना समेत पांच डकैतों को पटना पुलिस की विशेष टीम ने गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से 33 लाख 13 हजार 125 रुपये भी बरामद किए गए हैं। 

पकड़े गये अपराधियों में सरगना अमन कुमार उर्फ सत्यम शुक्ला उर्फ अमित (सरमेरा नालंदा), हरिनारायण (हायाकोठी, समस्तीपुर), सोनेलाल (सबलपुर, वैशाली), गणेश कुमार उर्फ ननकी (बुद्धा कॉलोनी, पटना) और प्रफुल्ल कुमार (पंत पाकड़, सीतामढ़ी) शामिल हैं। एसएसपी उपेंद्र शर्मा ने बताया कि अमन ने ही वारदात की साजिश रची थी। सरगना अमन अंग्रेजी का शिक्षक है और अनीसाबाद स्थित एक कोचिंग संस्थान में पढ़ाता था। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने इन अपराधियों को जक्कनपुर की बैंक कॉलोनी स्थित सरगना के किराये के मकान से गिरफ्तार किया। इस मामले में आठ अपराधी शामिल थे, जिनमें पुलिस को लाइनर समेत तीन लुटेरों की तलाश है। पकड़े गए अपराधियों ने राजधानी में कई लूट की कई वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। 

डाके के पहले मंगलतालाब के पास जुटे थे डकैत
पुलिस के मुताबिक, 22 जून को बैंक में डाका डालने से पहले अपराधी गर्दनीबाग स्थित मंगलतालाब के पास जुटे। यहां सभी ने हथियारों को अपने पास रखा और प्लानिंग करने लगे। कुछ समय बाद लगभग दोपहर तीन बजे लुटेरे पीएनबी के सामने पहुंचे। इसी बीच लाइनर ने उन्हें भीतर आने का इशारा दिया। लाइनर से हरी झंडी मिलते ही अपराधी बैंक में घुस गए। वारदात को अंजाम देने के बाद साजिश के तहत लुटेरे अलग-अलग रास्तों की ओर भागे थे, ताकि कोई उन तक पहुंच न सके। 

दिसंबर में ही रच दी थी लूट की साजिश 
पुलिस की पूछताछ में यह बात भी सामने आई है कि दिसंबर, 2019 में ही डकैतों ने बैंक में डाका डालने की साजिश रची थी। पूरी योजना अमन ने बनाई और उसी ने अन्य अपराधियों को गिरोह में शामिल किया। 

कई लूटकांडों का हुआ खुलासा 
इस गिरोह के पकड़े जाने के बाद कई बड़े लूटकांडों का खुलासा हुआ है। पुलिस का दावा है कि अगर अपराधी पकड़े नहीं जाते तो शहर और उसके आसपास के इलाकों में और भी घटनाएं हो सकती थीं। लुटेरों ने तीन वारदात में शामिल होने की बात कही। वहीं, एसएसपी ने यह स्पष्ट किया है कि सिर्फ तीन घटनाओं को अंजाम देने वाले अपराधी इतनी बड़ी बैंक लूट की घटना नहीं कर सकते। लिहाजा पुलिस इन अपराधियों के बाबत पड़ताल करने में जुटी हुई है। दूसरे जिलों की पुलिस को भी लुटेरों की तस्वीर भेजी गयी है। 

22 सदस्यीय टीम ने 144 घंटे तक चलाया ऑपरेशन 
लूटकांड के बाद 22 सदस्यीय पुलिस टीम ने 144 घंटों तक कड़ी मेहनत की। टीम में शामिल जक्कनपुर थानेदार मुकेश कुमार वर्मा, स्पेशल सेल के इंस्पेक्टर विनय प्रकाश, इंस्पेक्टर मनोज कुमार राय ने अहम भूमिका निभायी। वहीं, 13 सिपाहियों ने भी इस ऑपरेशन में अहम योगदान दिया। 

वारदात पर एक नजर 
22 जून को दोपहर करीब साढ़े तीन बजे पीएनबी की अनीसाबाद शाखा में हथियारबंद अपराधियों ने ग्राहकों और बैंककर्मियों को बंधक बनाकर 52 लाख रुपये की डकैती डाली थी। दिनदहाड़े शहर में हुई इस घटना के बाद पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। मौके पर आईजी से लेकर एसएसपी ने पहुंचकर मामले की छानबीन की। 

बरामदगी :
-33 लाख 13 हजार 125 नकद रुपये 
-लूट के पैसे से खरीदा गया नशीला पदार्थ 
-एक सोने का चेन और सोने का लॉकेट
-सोने से मढ़ी रूद्राक्ष की माला, तीन बाइक 
-पांच देसी पिस्टल और 16 जिंदा कारतूस 
-घटना में इस्तेमाल किय गये कपड़े व बैग