झाबुआ |  वैक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अन्तर्गत डेंगू बीमारी के प्रसार को रोकने के लिये बचाव एंव नियंत्रण हेतू प्रयास सतत जारी है। वर्षा ऋतु में यहां-वहां पानी के एकत्रित होने से मच्छर पैदा होते हैं। घर के छत के उपर एंव आस-पास पड़े टूटे-फुटे बर्तनों,टायरो एंव कन्टेनर में पानी एकत्रित हो जाता हैं। जो एडीज मच्छर को पनपने मेसहायक होता हैं। डेंगू बीमारी फैलाने वाला मच्छर एडीज मच्छर होता हैं। जिससे यह बीमारी फैलती हैं। डेंगू सकारात्मक पाये जाने वाले रोगी के क्षैत्र/वार्ड को हाईरिस्क क्षैत्र मानते हुए घर के आसपास के लगभग 150 घरों में फॉगिंग का कार्य एंव समस्त क्षैत्र/वार्ड में लार्वा सर्वे का कार्य स्वास्थ्य विभाग की आशा/ए.एन.एम. द्वारा किया जा रहा हैं। डेंगू प्रभावित क्षैत्र- थांदला, बरबेट, करड़ावद, झाबुआ शहरी क्षैत्र,रामा, कालीदेवी, कल्याणपुरा,नौगांव, तलावली, रानापुर वार्ड क्र. 01 एंव 05 एंव अन्य क्षेंत्र में अभी तक 1 लाख 98 हजार 535 घरों का लार्वा सर्वे किया जा चुका हैं  एंव 2 हजार 494 घरों में लार्वा को खोज कर नष्ट किया जा चुका हैं। फॉगिंग कार्य अभी तक 2 हजार 667 घरों में किया जा चुका है, जो निरंतर जारी हैं।
   वर्तमान में जिले में डेंगू के सकारात्मक केस निकल रहे हैं,सकारात्मक केस से सम्पर्क करने में यह जानकारी पायी गई है, कि उनके द्वारा मच्छरदानी का उपयोग सोते समय नही किया जा रहा हैं, जबकि राष्ट्रीय वैक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अन्तर्गत विगत वर्षो में विभाग द्वारा लगभग 10 लाख कीटनाशक उपचारित मच्छरदानियों का वितरण विभिन्न विकासखंड के चयनित ग्रामों में मच्छर जनित रोगों से बचाव के लिये किया गया हैं।  
   जन समुदाय से अपील की गई है कि वर्तमान में मलेरिया/डेंगू एंव चिकुनगुन्या रोग को फैलने से रोकने के लियें घरों एंव आस-पास के पानी के बर्तनों, सीमेंट की टंकियों की नियमित सफाई करते रहे। पानी में पनपने वाले मच्छर के लार्वा को समाप्त करें। जब तक पानी से लार्वा समाप्त नही होगा तब तक बीमारियों के फैलने की संभावना बनी रहेगी। एंव प्रतिदिन सोते समय मच्छरदानी का अनिवार्य रूप से उपयोग करें। एंव अपने घरों में मच्छर जाली लगावें, व पूरी बांह के कपड़े पहने। घर के किसी भी सदस्य को बुखार आने पर खून की जाचं स्वास्थ्य कार्यकर्ता या नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र पर करवायें।