भोपालI प्रदेश की स्वास्थ्य संस्थाओं में गहन चिकित्सा इकाई, पीआईसीयू, पीएसए ऑक्सीजन प्लांट, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, सिटी स्केन मशीन सहित अन्य चिकित्सा उपकरण और सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। इन सुविधाओं की आवश्यकता पर आम नागरिकों को इनकी उपलब्धता सुनिश्चित हो, इसके लिये चिकित्सा उपकरणों का क्रियाशील रहना जरूरी है। ऐसे अस्पताल, जिनमें आईसीयू, पीआईसीयू, पीएसए ऑक्सीजन प्लांट और सिटी स्केन मशीन सहित अन्य चिकित्सा उपकरण लगाए जा रहे हैं और कुछ काम शेष है, उनमें अगले 2-3 दिन में शेष काम को पूरा किया जाए। इस महत्वपूर्ण कार्य में लापरवाही और उदासीनता नहीं चलेगी अगले सोमवार को फिर समीक्षा करूंगा। ।

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने मंत्रालय से कोविड-19 की चुनौतियों से निपटने के लिये स्वास्थ्य संस्थाओं में की गई व्यवस्थाओं की वर्चुअल समीक्षा के दौरान यह बातें कही। समीक्षा में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और सिविल सर्जन उपस्थित थे।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी ने कहा कि कोविड-19 की दूसरी लहर में जिन कठिनाइयों का सामना किया, वैसी स्थिति अब निर्मित नहीं होनी चाहिए। स्वास्थ्य संस्थाओं को जरूरी चिकित्सा सुविधाओं और उपकरणों से लैस किया गया है। उन्होंने कहा कि सभी जिला अस्पतालों, सिविल अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिये 205 पीएसए ऑक्सीजन प्लांट स्वीकृत किये गये। इनमें से 180 प्लांट कार्यशील हो चुके हैं, शेष को भी कार्यशील किया जाए। उन्होंने कहा कि प्लांट कार्यशील हो जाना भर पर्याप्त नहीं है। प्लांट से उत्पादित ऑक्सीजन अस्पताल के वार्डों तक पहुँचे और आवश्यकता पर मरीजों को मिले, इस बात को भी सुनिश्चित करें। ऑक्सीजन प्लांट के संचालन के लिये तकनीकी दक्षता वाले टेक्नीशियन की सेवाएँ ली जाए।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी ने कहा कि गहन चिकित्सा इकाई और पीआईसीयू (पीडियॉट्रिक इंटेसिव केयर यूनिट) की स्थापना की स्वीकृति शासन द्वारा दी गई थी। आईसीयू और पीआईसीयू का कार्य सितम्बर अंत तक पूरा किया जाना था। कुछ स्वास्थ्य संस्थाओं ने समय पर पूरा किया और कुछ का अभी छोटा-मोटा कार्य शेष है। उन्होंने कहा कि जिन स्वास्थ्य संस्थाओं में कार्य शेष रह गया है, वह अगले एक हफ्ते में पूर्ण करना सुनिश्चित करें। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी ने कहा कि आईसीयू का निर्माण होने और ऑक्सीजन सप्लाई सुनिश्चित होने के साथ सभी अस्पताल फायर सेफ्टी ऑडिट अवश्य कराएँ। सिविल सर्जन और सीएमएचओ स्वयं अस्पतालों का निरीक्षण कर फायर सेफ्टी की व्यवस्थाओं से संतुष्ट हों।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी ने कहा कि अस्पतालों में ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिये ऑक्सीजन सिलेंडर और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध कराए गए हैं। ऑक्सीजन कंसंट्रेटर सप्लाई के बाद अस्पतालों में रखे हुए हैं। सिविल सर्जन इस बात को सुनिश्चित करें कि सप्लाई किये गये ऑक्सीजन कंसंट्रेटर कार्यशील रहें और आवश्यकता पड़ने पर ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित हो। इसके लिये ऑक्सीजन कंसंट्रेटर संचालन का मॉकड्रिल भी किया जाएँ। उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन सिलेंडर की जिन स्वास्थ्य संस्थाओं को आवश्यकता है, वह अपनी माँग शासन को भेजे, उसकी आपूर्ति की जाएगी।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी ने कहा कि आईसीयू, पीआईसीयू और सिटी स्केन सहित अन्य आवश्यक उपकरणों के साथ आवश्यक औषधियों की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के प्रकरणों में होम आइसोलेशन में दवाओं की जो किट दी जाती है, उस किट में शामिल सभी दवाएँ उपलब्ध रहें।

अपर मुख्य सचिव श्री मोहम्मद सुलेमान ने सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिए कि मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिये नियुक्त किये गये सीएचओ की पदस्थापना को किसी भी प्रकार से बदला नहीं जाए। सीएचओ जिस स्थान के लिये नियुक्त किये गये हैं, उनको उसी स्थान पर कार्य करने दिया जाए। स्वास्थ्य आयुक्त श्री आकाश त्रिपाठी ने कोविड-19 के दृष्टिगत अस्पतालों में बढ़ाई गई चिकित्सा सुविधाओं और उपलब्ध कराए गए चिकित्सा उपकरणों की जानकारी दी। एमडी एनएचएम श्रीमती प्रियंका दास और पब्लिक हेल्थ कॉर्पोरेशन के सीईओ श्री जे. विजय कुमार भी इस दौरान उपस्थित थे।