चुनाव हारे नेता कर रहे महापौर की दावेदारी

भोपाल। राजधानी में नगर निगम चुनाव में महापौर के टिकट के लिए भाजपा के सामने अजीब हास्यास्पद स्थिति पैदा हो गई है। 23 साल पहले महापौर का चुनाव हार चुकी नेता के अलावा अब दो ऐसे दावेदार सामने आए हैं जो खुद दो दो बार पार्षद का चुनाव हार चुके हैं।
सत्ता धारी दल ने महापौर के उम्मीदवार का चयन करने के लिए कई स्तर पर प्रक्रिया शुरू की है इसमें पार्टी कार्यकर्ताओं से लेकर आम जनता तक से फीडबैक लेने की शुरुआत की गई है। पिछड़ा वर्ग की महिला के लिए आरक्षित महापौर पद के लिए 1999 में चुनाव हार चुकी राजो मालवीय ने भी दावा ठोका है। वे भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता रह चुकी हैं।
लेकिन अब दो बार पार्षद का चुनाव हार चुकी मालती राय भी खुद को प्रत्याशी बनाने के लिए सक्रिय हुई है वह भाजपा में सभी नेताओं से मिल रही है। 1994 में प्रोफेसर कॉलोनी से चुनाव हारने के बाद  वर्ष 2009 में मालती राय उस वार्ड से भी हार गई थी जहां वे निवास करती हैं। वह अशोका गार्डन क्षेत्र से पार्षद रही है लेकिन क्षेत्र में जबरदस्त विरोध के बाद उन्होंने अपने गृह वार्ड से चुनाव लड़ा था जिसमें वह भाजपा के गढ़ माने जाने वाले पुष्पा नगर से कांग्रेस प्रत्याशी से हार गई थी।
इसमें भी खास बात यह है कि वे जिन वार्ड से चुनाव हारी अगली बार उन वार्ड से भाजपा जीती। लेकिन वे जिस वार्ड से सिर्फ एक बार जीती अगली बार वहां से भाजपा हार गई।   
पिछले 3 दिन से नगर निगम के पूर्व अध्यक्ष रामदयाल प्रजापति भी सक्रिय हुए हैं। प्रजापति अपनी पत्नी कुसुम के लिए टिकट की दावेदारी कर रहे हैं। प्रजापति वर्ष 2014 में टीटी नगर क्षेत्र से पार्षद का चुनाव हार गए थे। उन्हें भाजपा के बागी जगदीश यादव ने हराया था। उससे पहले वर्ष 2004 में वह भीम नगर वार्ड से भी चुनाव हार चुके हैं। इसी तरह 2014 में वार्ड 34 से चुनाव हारी सुषमा साहू भी महापौर का टिकट मांग रही हैं।